Ajay Arora: दिल्ली लक्ष्मी योजना,चुनावी वादे के अनुरूप सभी महिलाओं को मिले लाभ : अजय अरोड़ा
नई दिल्ली (रविंद्र कुमार): दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹2500 की आर्थिक सहायता देने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब पात्रता की शर्तों पर भी बहस तेज हो गई है। इसी मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली स्टेट ट्रेडर्स कांग्रेस के अध्यक्ष अजय अरोड़ा ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से यह योजना लाई है, तो इसका लाभ अधिकतम महिलाओं तक पहुंचना चाहिए, न कि सीमित वर्ग तक। अजय अरोड़ा ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने दिल्ली की महिलाओं से बिना किसी जटिल शर्त का उल्लेख किए ₹2500 प्रतिमाह आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। लेकिन अब योजना लागू होने के बाद कई ऐसी पात्रता शर्तें जोड़ दी गई हैं, जिनके कारण बड़ी संख्या में महिलाएं इस योजना के दायरे से बाहर हो जाएंगी। उनका कहना था कि इससे महिलाओं के बीच भ्रम की स्थिति भी उत्पन्न हुई है और चुनावी वादों की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने योजना के लिए आयु सीमा 21 से 60 वर्ष निर्धारित की है, परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख तक सीमित रखी है तथा जिन परिवारों में चार पहिया वाहन है या कोई सदस्य सरकारी सेवा में है, उन्हें भी योजना के लाभ से बाहर रखा गया है।
अजय अरोड़ा ने सवाल उठाया कि क्या चुनाव प्रचार के समय इन शर्तों की जानकारी जनता को दी गई थी? यदि ऐसा नहीं था, तो अब इन प्रतिबंधों को लागू करना जनता के साथ न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता। दिल्ली स्टेट ट्रेडर्स कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा का विषय राजनीति से ऊपर होना चाहिए। यदि सरकार वास्तव में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना चाहती है, तो उसे योजना की पात्रता शर्तों पर पुनर्विचार कर लाभार्थियों का दायरा बढ़ाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं को इसका लाभ मिल सके। अजय अरोड़ा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चुनावी घोषणाओं और वास्तविक क्रियान्वयन के बीच संतुलन बनाने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना के अलावा भी चुनाव के दौरान किए गए कई महत्वपूर्ण वादों को लेकर जनता आज जवाब चाहती है। उन्होंने त्योहारों पर मुफ्त एलपीजी सिलेंडर, प्रदूषण नियंत्रण, यमुना की सफाई और अन्य जनकल्याणकारी घोषणाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को इन सभी मुद्दों पर स्पष्ट समयबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि दिल्ली सरकार योजना की वर्तमान पात्रता शर्तों की समीक्षा कर इसे अधिक समावेशी बनाए तथा चुनाव के दौरान महिलाओं से किए गए वादों की भावना के अनुरूप प्रत्येक पात्र महिला तक इसका लाभ सुनिश्चित करे। अजय अरोड़ा ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण केवल एक चुनावी घोषणा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए सरकार को इस विषय पर व्यापक और सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।



