Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद विमान हादसा: पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की मौत, 100 से ज्यादा शव बरामद, देश में शोक की लहर
गुरुवार का दिन भारत के विमानन इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जब अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 टेकऑफ के दो मिनट बाद ही भयावह हादसे का शिकार हो गई। बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के तुरंत बाद नजदीक स्थित एक मेडिकल कॉलेज के छात्रावास (हॉस्टल) से टकरा गया, जिससे विमान में आग लग गई और पूरी इमारत में भयंकर तबाही मच गई।
इस भीषण हादसे में अब तक 100 से अधिक शवों की बरामदगी हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। कुल 242 लोग विमान में सवार थे, जिनमें 230 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य शामिल थे। मृतकों में ब्रिटेन के 53 नागरिक, 7 पुर्तगाली, एक कनाडाई और बाकी अधिकतर भारतीय थे।
हादसे की सबसे दुखद और झकझोर देने वाली खबर यह है कि गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का भी इस विमान हादसे में निधन हो गया है। वह लंदन में रह रही अपनी पत्नी अंजलि बेन से मिलने के लिए रवाना हुए थे। उनके निधन की पुष्टि उनके परिवार और पार्टी सूत्रों द्वारा की गई है। इस खबर से न सिर्फ गुजरात बल्कि पूरे देश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है।
घटना की जानकारी मिलते ही अहमदाबाद एयरपोर्ट और मेडिकल कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटनास्थल पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। NDRF की टीमें, दमकल विभाग, एयरपोर्ट अथॉरिटी और स्थानीय पुलिस मौके पर मौजूद हैं और लगातार मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिश जारी है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में धुएं का गुबार छा गया और तेज धमाके की आवाज दूर तक सुनी गई।
प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि विमान पूरी गति पकड़ने के बाद अचानक नीचे की ओर झुका और मेडिकल कॉलेज की इमारत से टकरा गया। हालांकि हादसे के समय मौसम सामान्य था, इसलिए तकनीकी खराबी या यांत्रिक विफलता की आशंका जताई जा रही है। एयर इंडिया और DGCA ने संयुक्त जांच समिति गठित कर दी है, जो विमान के ब्लैक बॉक्स की जांच कर सटीक कारणों का पता लगाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु समेत देश के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर इसे एक राष्ट्रीय त्रासदी करार दिया और पीड़ित परिवारों के लिए हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। गृह मंत्री अमित शाह तत्काल अहमदाबाद रवाना हो गए हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
दुर्घटना के बाद एयर इंडिया की सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर अस्थायी रोक लगाने की खबरें भी सामने आ रही हैं। इसके साथ ही DGCA ने सभी प्रमुख विमानन कंपनियों को आपात सुरक्षा जांच के निर्देश जारी किए हैं।
हादसे में मारे गए यात्रियों के परिजनों के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, और शहर में कई राहत शिविर बनाए गए हैं जहां घायलों का इलाज और पीड़ितों को सहायता दी जा रही है। अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटी है, जो अपने परिजनों की जानकारी पाने के लिए इंतजार कर रही है।
विजय रूपाणी जैसे वरिष्ठ और लोकप्रिय नेता की आकस्मिक मौत से राजनीतिक जगत शोक में डूब गया है। भाजपा नेतृत्व और गुजरात की पूरी राजनीतिक व्यवस्था में दुख की लहर दौड़ गई है। कई राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और विपक्षी दलों के नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
यह हादसा न सिर्फ तकनीकी सुरक्षा, बल्कि एविएशन गवर्नेंस को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। क्या एयर इंडिया के विमानों की नियमित जांच और पायलट ट्रेनिंग में कोई चूक हुई? क्या एयर ट्रैफिक कंट्रोल की भूमिका पर भी जांच जरूरी है? ये सभी सवाल अब देश की सर्वोच्च एजेंसियों के सामने हैं।
भारत के इतिहास में बोइंग 787 जैसे एडवांस विमान का इस तरह से हादसे का शिकार होना बेहद चौंकाने वाला है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर कई कड़े कदम और नीतिगत बदलाव तय माने जा रहे हैं।



