सत्य के साथ • आपके साथरविवार, 8 नवंबर 2026
ADVERTISEMENTविज्ञापन के लिए संपर्क करेंCPN NEWS • YOUR BRAND HERE
ताज़ा खबर
Delhi Building Collapse: दिल्ली में इमारतें नहीं, निगम का भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था ढह रही है : श्याम सुन्दर अग्रवालFood Adulteration: मिलावट के खिलाफ मुख्यमंत्री का सड़क पर उतरना जन स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण : रोमेश चंद्र गुप्ताFood Adulteration: मुख्यमंत्री की सक्रियता से मिलावटखोरों में मचेगा हड़कंप, जनता की सेहत से समझौता नहीं करेगी सरकार : गुरमीत सिंह सूराPoland Shooting: क्राकोव के मुख्य बाजार में कार से अंधाधुंध फायरिंग, छह लोगों की मौत, 15 घायल; हमलावर गिरफ्तारIND vs NZ: छोटे लक्ष्य का पीछा करने में छूटे भारत के पसीने, दूसरे वनडे में चार रन से जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़तSharad Pawar Health Update: शरद पवार की सेहत में सुधार, तीन दिन बाद मुंबई के अस्पताल से मिली छुट्टी; घर पर जारी रहेगा इलाजSonia Gandhi Memoir: मोदी सरकार पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप, आपातकाल और राजीव गांधी से रिश्ते पर भी बोलीं सोनिया; भाजपा का पलटवारBismillah Khan House: पुश्तैनी मकान पर बुलडोजर चलने के अखिलेश यादव के दावे को परिवार ने नकारा, खुद करा रहा पुनर्निर्माण; भूतल पर बनेगा संग्रहालय

Lucknow LPG Crisis: केजीएमयू में गैस संकट, मरीज और छात्र परेशान

2 मिनट पढ़ें
Advertisement

Lucknow LPG Crisis: केजीएमयू में गैस संकट, मरीज और छात्र परेशान

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एलपीजी गैस संकट का असर अब सीधे मरीजों और छात्रों तक पहुंच गया है। अस्पताल में सामान्य दिनों में मरीजों को दाल-सब्जी के साथ चार रोटियां मिलती थीं, लेकिन गैस की कमी के कारण अब सिर्फ दो रोटियों में भोजन दिया जा रहा है। रोटियों की संख्या घटाने के साथ-साथ चावल की मात्रा बढ़ाई गई है, ताकि मरीजों को थोड़ी भूख मिटाने के लिए पर्याप्त भोजन मिल सके। हालांकि, इस व्यवस्था से मरीजों को आधा पेट भोजन मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

एलपीजी गैस संकट का असर केवल मरीजों तक सीमित नहीं रहा। केजीएमयू के छात्रावासों में भी मेस में भोजन तैयार करने में कठिनाई आई। बुधवार को कई मेस में जैसे-तैसे खाना बनाया गया, लेकिन कई छात्रों को अधूरा भोजन मिलने के कारण बाहर जाकर खाना पड़ गया। मेस संचालकों ने चेतावनी दी है कि अगर गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में मेस चलाना मुश्किल हो जाएगा।

Advertisement

रोटियों की कमी और चावल की अधिकता कुछ मरीजों के लिए और मुश्किल खड़ी कर रही है। डॉक्टरों के अनुसार, कई बीमारियों में मरीजों को चावल खाने से मना किया जाता है, इसलिए रोटियों की कटौती उनके स्वास्थ्य के लिए समस्या बन रही है। मरीज और उनके परिजन अस्पताल प्रशासन से उचित भोजन सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

केजीएमयू प्रशासन स्थिति को संभालने के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने की तैयारी में है। अधिकारियों ने बताया कि बिजली से चलने वाला रोटी मेकर लाने की योजना बनाई जा रही है ताकि गैस पर निर्भरता कम की जा सके। इसके अलावा, छात्रावासों के मेस संचालकों ने लकड़ी जलाकर खाना बनाने की अनुमति भी मांगी है। जिला प्रशासन ने भरोसा दिया है कि आवश्यक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि मरीज और छात्र दोनों को भोजन की कोई कमी न हो।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया?

आपकी राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *