Delhi Mumbai Expressway accident: दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर घने कोहरे में भीषण हादसा, ट्रक और स्लीपर बस की टक्कर से चालक की मौत
राजस्थान के अलवर जिले में दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर सोमवार सुबह घने कोहरे के कारण एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रैणी थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के चैनज नंबर 147.7 पर केंटरा ट्रक और एक स्लीपर बस की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में केंटरा चालक आसिफ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसी वाहन में सवार सलमान और बिलाल गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां आसिफ को मृत घोषित कर दिया गया और बाकी दोनों का इलाज जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह के समय इलाके में कोहरा इतना घना था कि कुछ मीटर आगे तक देख पाना मुश्किल हो रहा था। इसी वजह से दोनों वाहनों के चालक सामने से आ रहे वाहन को समय रहते नहीं देख पाए और तेज टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि केंटरा ट्रक के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद कुछ समय के लिए दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
सूचना मिलते ही एक्सप्रेसवे की पेट्रोलिंग टीम और रैणी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया और मृतक चालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए रैणी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। शुरुआती जांच में पुलिस ने हादसे की मुख्य वजह घना कोहरा और कम दृश्यता को बताया है। पुलिस के मुताबिक मृतक और घायल सभी अमरोहा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अलवर के पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। एक्सप्रेसवे प्रशासन ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और बस को सड़क से हटवाया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात बहाल किया जा सका। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के मौसम में एक्सप्रेसवे पर धीमी गति से वाहन चलाएं, फॉग लाइट और इंडिकेटर्स का इस्तेमाल करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
इधर, दिल्ली–अलवर एनसीआर क्षेत्र में लगातार घने कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। टोल प्लाजा और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। एक्सप्रेसवे पर एंबुलेंस और इमरजेंसी टीमें भी अलर्ट मोड पर रखी गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। प्रशासन का कहना है कि लापरवाही और तेज रफ्तार इस मौसम में जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।



