IED Recovered: बारामूला–श्रीनगर नेशनल हाईवे पर IED मिलने से हड़कंप, बम निरोधक दस्ते ने समय रहते किया डिफ्यूज
जम्मू-कश्मीर के सोपोर इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब श्रीनगर–बारामूला राष्ट्रीय राजमार्ग के पास सड़क किनारे एक संदिग्ध वस्तु देखी गई। यह मामला हाइगाम क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां स्थानीय लोगों की नजर सड़क किनारे पड़ी एक संदिग्ध चीज पर पड़ी। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संदिग्ध वस्तु एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी IED है, जिसके बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।
सूचना मिलते ही भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा बलों ने तत्काल पूरे क्षेत्र को घेराबंदी में ले लिया और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाए गए। आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्रीनगर–बारामूला नेशनल हाईवे पर यातायात को अस्थायी रूप से रोक दिया गया और आसपास के इलाकों में लोगों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। पुलिस ने लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्ता मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञों ने पूरी सतर्कता और तकनीकी प्रक्रिया के तहत IED की जांच की। इस दौरान सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद रहे और आसपास के इलाके में कड़ी निगरानी रखी गई। जांच पूरी होने के बाद बम निरोधक दस्ते ने नियंत्रित विस्फोट के जरिए IED को सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई में किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
IED को डिफ्यूज किए जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। हालांकि एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की अन्य संदिग्ध गतिविधि या खतरे को समय रहते रोका जा सके। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि IED किसने और किस मकसद से लगाया था।



