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मजदूरों को मदद की घोषणा से मजदूर हुए खुश : गुरमीत सिंह सूरा

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गुरमीत सिंह सूरा
मजदूरों को मदद की घोषणा से मजदूर हुए खुश : गुरमीत सिंह सूरा

मजदूरों को मदद की घोषणा से मजदूर हुए खुश : गुरमीत सिंह सूरा

कई लाख मजदूरों को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : ट्रिपल इंजन की सरकार गरीब लोगो के लिए अनेक योजनायें बना रही है उन योजनाओं से बड़ी संख्या में गरीब लोगो को लाभ मिलता है | यह कहना है भारतीय जनता पार्टी शाहदरा जिले के वरिष्ठ नेता तथा पश्चिमी जिला भाजपा के पूर्व सह-प्रभारी गुरमीत सिंह सूरा का |

गुरमीत सिंह कहते है भारतीय जनता पार्टी की सरकार स्दैद गरीब वर्ग के हित में योजनायें बनती है राज्य सरकारें हो या केन्द्रीय सरकार गरीब लोगो का विशेष ध्यान रखती है | गुरमीत सिंह सुर्रा कहते हैं दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने निर्माण कार्यों पर रोक लगाई है, जिसका सीधा असर लाखों दिहाड़ी मजदूरों की आजीविका पर पड़ा है। ऐसे में दिल्ली सरकार ने प्रभावित कंस्ट्रक्शन मजदूरों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने ऐलान किया है कि निर्माण कार्य रुकने से प्रभावित सभी रजिस्टर्ड और वेरिफाइड निर्माण मजदूरों के खातों में 10 हजार रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए भेजी जाएगी।

गुरमीत सूर कहते हैं रेखा गुप्ता सरकार का मानना है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्माण गतिविधियों पर अस्थायी रोक जरूरी है, लेकिन इससे मजदूरों की आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर न पड़े, इसके लिए यह सहायता दी जा रही है। इस योजना का लाभ केवल उन्हीं मजदूरों को मिलेगा, जो दिल्ली सरकार के पोर्टल पर पंजीकृत और सत्यापित हैं। गुरमीत सिंह सूरा कहते हैं यह राशि केवल उन्हीं श्रमिकों को मिलेगी जिनका पंजीकरण दिल्ली बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के साथ वैध और सत्यापित है. इस कदम का उद्देश्य काम रुकने के कारण आर्थिक तंगी झेल रहे परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाना है, दिल्ली में ऐसे पंजीकृत मजदूरों की संख्या आठ लाख के आसपास है | सरकार की इस योजना से करीब आठ लाख लोगो को लाभ मिलने की सम्भावना है |

गुरमीत सिंह सूरा कहते हैं पिछले सप्ताह दिल्ली सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर जारी किए ड्राफ्ट नियम में बड़ा बदलाव किया था. नए नियमों में किसी भी मजदूर को सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं कराया जा सकेगा. नियमों में काम के घंटे और ओवरटाइम को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की बात कही गई है. साल में एक तिमाही में अधिकतम 144 घंटे तक ही ओवरटाइम की अनुमति होगी. साथ ही 15 से 30 मिनट के ओवरटाइम को 30 मिनट माना जाएगा, जबकि 30 मिनट से ज्यादा होने पर एक घंटा गिना जाएगा |

गुरमीत सिंह सूरा कहते हैं इस समय दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता बहुत ही ज्यादा खराब है, जिसके वजह से मजदूरों की इनकम प्रभावित हो रही है। मजदूर संगठनों ने सरकार से आग्रह किया है कि वे मौजूदा राशि के अलावा और भी सहायता प्रदान करें और अधिक लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाया जाए।

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