प्रदूषण को ले हुए सर्वे नें खोली ट्रिपल इंजन सरकार के दावों की पोल : अरुण तोमर
81 फीसदी परिवारों में कोई ना कोई हुआ प्रभावित नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : राजधानी दिल्ली सहित एनसीआर में प्रदूषण का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा | प्रदूषण लोगो के स्वास्थ्य पर कहर बनकर बरस रहा है | यह कहना है आम आदमी पार्टी घोंडा विधानसभा के पूर्व संगठन मंत्री अरुण तोमर का |
अरुण तोमर कहते हैं दूसरों पर ऊँगली उठाना बड़ा आसान होता है लेकिन खुद करना बड़ा मुश्किल | प्रदूष्ण पर आम आदमी पार्टी की सरकार पर हमलावर रहने वाली भाजपा सरकार अब प्रदूष्ण से निपटने में बुरी तरह से फेल साबित हो रही है जबकि अब तो भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार है |
अरुण तोमर कहते हैं राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों को लेकर कराए गए एक हालिया सर्वेक्षण में शामिल दिल्ली-एनसीआर के 82 फीसदी निवासियों ने माना कि उनके जानने वाले एक या अधिक लोग गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिसका कारण लंबे समय तक वायु प्रदूषण के संपर्क में रहना है। सर्वेक्षण के आंकड़े ऐसे समय आए हैं, जब देश की राजधानी धुंध की घनी चादर में लिपटी हुई है और जहरीली हवा लोगों का दम घोंट रही है। अरुण तोमर कहते हैं ऑनलाइन सामुदायिक मंच ‘लोकलसर्कल्स’ के सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाले 28 फीसदी प्रतिभागियों ने बताया कि उनके परिवार, दोस्तों, पड़ोसियों या सहकर्मियों में कम से कम चार ऐसे व्यक्ति शामिल हैं, जो संभावित तौर पर प्रदूषण जनित स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
प्रतिभागियों के अनुसार, उनके जानने वाले लोग जिन स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनमें दमा, क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, फेफड़ों को क्षति, हृदयघात, स्ट्रोक और संज्ञानात्मक गिरावट शामिल है तथा यह लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने का नतीजा है। अरुण तोमर कहते हैं दिवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण तेजी से बढ़ा है जो कम होने का नाम ही नहीं ले रहा । लोकल सर्कल्स ने 21 हजार लोगों का सर्वे किया। सर्वे में शामिल 41 प्रतिशत परिवारों में एक सदस्य को अस्पताल जाना पड़ा। 47 प्रतिशत लोगों ने दवाइयां और डिवाइस खरीदीं। 33 प्रतिशत लोगों ने कफ सिरप लिया। 81 प्रतिशत परिवारों में एक सदस्य प्रदूषण के कारण बीमार हुआ।
अरुण तोमर कहते हैं प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनके परिवार में एक या इससे अधिक लोगों ने डॉक्टर से ऑनलाइन कंसलटेशन लिया। 25 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें प्रदूषण से समस्या हो रही है और वह अगले कुछ दिनों में डॉक्टर के पास जाने की तैयारी कर रहे हैं। 16 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतें तो हैं, लेकिन वह इसे खुद हैंडल कर सकते हैं। 9 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें प्रदूषण की वजह से कोई समस्या नहीं हो रही है।



