राजधानी में जिलों की संख्या बढने से होगा प्रशासनिक सुधार : रीना माहेश्वरी
नई दिली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : राजधानी दिल्ली में अब जिलोंकी संख्या बढ़ा दी गई है इस व्यवस्था से दिल्लीके प्रशानिक सिस्टम में बड़ा सुधार होने की सम्भावना है | यह कहना है अशोक नगर वार्ड की निगम पार्षद रीना महेश्वरी का | रीना महेश्वरी कहती हैं नई व्यवस्था के तहत कई इलाकों के जिले बदले गए हैं. शाहदरा में रहने वाले लोगों का पता अब बदल गया है, क्योंकि ये जिला अब हटा दिया गया है | मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दिल्ली के मौजूदा 11 राजस्व जिलों का पुनर्गठन करते हुए 13 नए राजस्व जिलों के गठन को मंजूरी प्रदान की गई | दिल्ली कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को सिद्धांत रूप में मंजूरी दे दी है. अब यह प्रस्ताव एल.जी. के पास भेजा जाएगा. मंजूरी मिलने के बाद नई जिलावार संरचना को लागू कर दिया जाएगा. सरकार की योजना है कि हर जिले में एक तरह का मिनी सचिवालय बनाया जाए, जहां कानून-व्यवस्था को छोड़कर बाकी सभी विभागों से जुड़े काम एक ही इमारत में पूरे हों. इससे जनता को कई जगह भागना नहीं पड़ेगा. यह निर्णय शासन को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है. जिलों की संख्या को लेकर दिल्ली में समस्या पिछले काफी समय से बनी हुई थी, जिसे रेखा सरकार ने कुछ ही महीनों में दूर कर दिया है | दिल्ली में जो 3 नए जिले शामिल किये गए हैं, वो हैं- ओल्ड दिल्ली, सेंट्रल नॉर्थ और आउटर दिल्ली. नई व्यवस्था के तहत एक जिला शाहदरा को हटा दिया गया है | मौजूदा 11 जिलों की जगह अब 13 जिले बनाए गए हैं . इसी के साथ, सब-डिवीजन यानी एस.डी.एम. की संख्या भी 33 से बढ़ाकर 39 की जाएगी | नई व्यवस्थाओं से लोगों के काम तेजी से निपटेंगे और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काफी कम हो जाएंगे | रीना माहेश्वरी बताती हैं नगर निगम के 11 जोन को आधार बनाकर जिलों की नई सीमाएं तय की जा रही हैं | प्रस्ताव में सदर जोन की जगह जिले का नाम पुरानी दिल्ली रखा गया है | इसी तरह यमुना पार इलाके में अब पूर्वी और उत्तर-पूर्वी जिले खत्म हो जाएंगे. उनकी जगह शाहदरा उत्तर और शाहदरा दक्षिण नाम के दो नए जिले बनाए जाएंगे | उत्तरी जिले के स्थान पर दो जिलों- सिविल लाइंस और पुरानी दिल्ली का गठन होगा. दक्षिण-पश्चिम जिले का बड़ा हिस्सा नए नजफगढ़ जिला में चला जाएगा | रीना माहेश्वरी कहती है प्रशासनिक सुधारों को और आगे बढ़ाते हुए, दिल्ली सरकार की योजना है कि हर जिले में एक मिनी-सचिवालय स्थापित किया जाए. इस मिनी-सचिवालय में कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों को छोड़कर, एक ही इमारत में लगभग सभी प्रशासनिक कार्य पूरे किए जा सकेंगे. वर्तमान राजस्व के लिहाज से कुल 11 जिले है, जबकि एमसीडी के 12 जोन हैं. सभी की सीमाएं अलग-अलग है | इसके चलते सरकार की कई योजनाओं, विकास कार्य और उसकी निगरानी को लेकर आपस में कोआर्डिनेशन में दिक्कतें आती है. इसलिए सरकार डीएम कार्यालयों को मिनी सचिवालय का रूप के लिए जोन और जिले की सीमाओं को एक करना को एमसीडी के सभी 12 जोन के बॉर्डर के हिसाब से नए जिले बनाने रही है, जबकि दो अन्य एनडीएमसी एरिया व दिल्ली कैट को मिलाकर एक नया जिला बना रही है |



