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ट्रिपल इंजन सरकार की लापरवाही भारी पड़ रही है लोगो की सेहत पर : विपिन शर्मा

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विपिन शर्मा
ट्रिपल इंजन सरकार की लापरवाही भारी पड़ रही है लोगो की सेहत पर : विपिन शर्मा

ट्रिपल इंजन सरकार की लापरवाही भारी पड़ रही है लोगो की सेहत पर : विपिन शर्मा

* सरकार नें नहीं किये निपटने के कोई इंतजाम

– हर्ष भारद्वाज –

नई दिल्ली , दीपावली के मौके पर प्रदूषण से निपटने के इंतजाम करने में ट्रिपल इंजन की सरकार बुरी तरह से फ्लॉप साबित हुई है और अभी भी यह कहकर पल्ला झड़ने का प्रयास किया जा रहा है ऐसे हालात पूर्व में भी होते रहे हैं | यह कहना है दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रोहताश नगर के पूर्व विधायक विपिन शर्मा का | विपिन शर्मा कहते है दिल्ली सरकार को जब यह मालुम था कि पूर्व में भी ऐसे हालात होते रहे हैं तो प्रदूष्ण से निपटने के लिए कुछ एतिहाती कदम तो उठाती | विपिन शर्मा कहते हैं माननीय न्यायलय नें पटाखे चलाने केलिए निर्धारित दिन और समय तय किये थे जिसकी निगरानी करना पुलिस तथा प्रशासन का काम था लेकिन ऐसा नहीं किया गया कारणवश लोगो नें ना दिन का हिसाब रखा और ना ही समय का |

अनेक क्षेत्रों में लोगो नें नियमों की धज्जियां उड़ाई देर रात तक पटाखे फोड़े गए | इतना ही नहीं माननीय न्यायालय नें केवल ग्रीन पटाखों की अनुमति दी थी लेकिन अनेक स्थानों पर प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री भी हुई और पटाखें चलाये भी गए | विपिन शर्मा कहते है दिल्ली सरकार की यह लापरवाही लोगो के स्वास्थ्य पर भारी पडती दिख रही है | अनेक लोगो को साँस लेने में दिक्कत हो रही है | मंगलवार को कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एक्यूआई का स्तर 500 से पार पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

मंगलवार का 24 घंटे का औसत एक्यूआई 351 दर्ज किया गया, जो सोमवार के 345 से अधिक था। मंगलवार को प्रदूषक कण (पीएम 2.5) का औसत स्तर 488 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि इसके कारण सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, फ्लू और जोड़ों में दर्द जैसी शिकायतों के मामले तेजी से बढ़े हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों को बाहर जाने से बचाएं और जरूरत पड़ने पर एन95 मास्क पहनें।

विपिन शर्मा कहते हैं पटाखों से निकलने वाला धुआं पहले से मौजूद प्रदूषकों के साथ मिलकर हवा को और भी जहरीला बना देता है। यह स्थिति न केवल दिल्लीवासियों के लिए बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। सरकार और प्रशासन को इस समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को साफ हवा में सांस लेने का मौका मिल सके। विपिन शर्मा कहते हैं ग्रीन पटाखों पर मिली छूट पर अपनी पीठ थपथपाने वाली सरकार अब जहरीली दिल्ली बनने पर मुहं छुपाती दिख रही है

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