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पुलिस और प्रशासन नहीं रोक पाया अवैध पटाखों के इस्तेमाल को : परमानन्द शर्मा

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परमानन्द शर्मा
पुलिस और प्रशासन नहीं रोक पाया अवैध पटाखों के इस्तेमाल को : परमानन्द शर्मा

पुलिस और प्रशासन नहीं रोक पाया अवैध पटाखों के इस्तेमाल को : परमानन्द शर्मा

* नियमों की उड़ी जमकर धज्जियां

नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : दिवाली के मौके पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की ज्यादातर स्थानों पर जमकर धज्जियां उडी और वही हुआ जिसका भय था ,लोगो नें देर रात तक जमकर आतिशबाजी की और ग्रीन पटाखों के साथ-साथ दूसरे पटाखे भी चलाये | दिवाली के एक दिन बाद मंगलवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता गिरकर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गई | यह कहना है रामनगर वार्ड से कांग्रेस के पूर्व निगम प्रत्याशी परमानन्द शर्मा का |

परमानन्द शर्मा कहते हैं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 350 दर्ज किया गया. शहर के अधिकांश इलाकों में एक्यूआई ‘बेहद खराब’ श्रेणी में रहा, जबकि कई जगहों पर यह ‘गंभीर’ स्तर तक पहुंच गया | दिवाली के त्योहार के बाद दिल्ली एक बार फिर धुएं और धूल की चादर में घिरी नजर आ रही है | एक विश्वस्तरीय एयर क्वालिटी फर्म की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है | इस लिस्ट में भारत के मुंबई का पांचवा तो कोलकाता का आठवां स्थान हैं यानी टॉप तेन में भारत के कई शहर है और उन सबमे दिल्ली नम्बर वन रही है |

परमानन्द शर्मा कहते हैं ट्रिपल इंजन की सरकार दिल्ली के प्रदूषण में सुधार के दावे कर रही थी लेकिन असलियत यह है कि प्रदूषण से निपटने के लिए रेखा गुप्ता सरकार नें कोई तैयारी नहीं की | रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की हवा दिवाली के बाद तेजी से खराब हुई. पटाखों का धुआँ, वाहनों के धुएँ, निर्माण कार्य और पराली जलाने से हवा में जहरीले कण घुल गए हैं. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार सुबह दिल्ली का एक्यूआई 350 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है | कुछ इलाकों जैसे बवाना, जहांगीरपुरी, वज़ीरपुर, अलीपुर और बुराड़ी क्रॉसिंग में एक्यूआई चार सौ पार कर गया | जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है |

परमानन्द शर्मा कहते हैं दिवाली से पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में सिर्फ ग्रीन क्रैकर्स जलाने की अनुमति दी थी और समय-सारणी तय की थी, 18 से 21 अक्टूबर, शाम 6-7 बजे और रात 8-10 बजे. लेकिन कई इलाकों में लोग देर रात तक पटाखे जलाते रहे, जिससे हवा और जहरीली हो गई | इतना ही नहीं अनेक स्थानों पर लोगो को प्रतिबंधित पटाखे भी चलाते देखा गया जिसके चलते दिल्ली का यह हाल हुआ |

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