AIIMS Rishikesh: AIIMS डॉक्टर पर केस: आतंकी हमले के अगले दिन मिठाई बांटने का आरोप
उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल के एक डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगे हैं। दावा किया गया है कि इस डॉक्टर ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के एक दिन बाद अस्पताल परिसर में मिठाई बांटकर जश्न मनाया। इस मामले में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के स्थानीय अध्यक्ष राजेंद्र पांडे की शिकायत पर ऋषिकेश पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
एफआईआर 16 मई को दर्ज की गई, जिसमें कहा गया है कि डॉक्टर ने 23 अप्रैल को अस्पताल में मिठाई बांटते हुए कहा कि वह ईद की मिठाई बाँट रहा है, जबकि रमजान का महीना उससे पहले समाप्त हो चुका था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि डॉक्टर ने इस कृत्य के माध्यम से आतंकियों का समर्थन किया और हिंदू समुदाय की भावनाओं को आहत किया।
एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196(1)(ए), 196(1)(बी) और 197(1)(ए) के तहत दर्ज की गई है। इन धाराओं के अंतर्गत धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर वैमनस्य फैलाना और राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध माना गया है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी डॉक्टर ने पहले भी सोशल मीडिया पर भारत विरोधी टिप्पणियाँ की थीं। घटना के बाद एम्स परिसर में तनाव की स्थिति बनी और कई लोग इस मामले से आहत बताए जा रहे हैं।
इस बीच आरोपी डॉक्टर, जो पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं और एम्स ऋषिकेश में जूनियर रेजिडेंट के पद पर तैनात हैं, ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी भी प्रकार का जश्न नहीं मनाया। डॉक्टर ने कहा कि वह 23 अप्रैल की शाम को इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर में तैनात थे और कुछ नर्सिंग स्टाफ ने ईद के मौके पर मिठाई मांगी, इसलिए उन्होंने उनके लिए मिठाई और भोजन मंगवा दिया।
डॉक्टर ने इसे एक सामान्य मानवीय कार्य बताया और कहा कि इसे सांप्रदायिक रंग देकर उनकी छवि को खराब किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है, जिसके चलते वे वरिष्ठों की सलाह पर घर लौट गए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे जो उन्हें झूठे आरोपों में फंसा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक डॉक्टर से पूछताछ के विषय में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।



