पड़पड़ गंज सीट पर अनिल चौधरी की सीधी टक्कर है रवि नेगी से

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अनिल चौधरी
पड़पड़ गंज सीट पर अनिल चौधरी की सीधी टक्कर है रवि नेगी से

पड़पड़ गंज सीट पर अनिल चौधरी की सीधी टक्कर है रवि नेगी से

मनीष के सीट बदलने से हालात बदले

– अश्वनी भारद्वाज –

नई दिल्ली : राजधानी की 55 सीटों पर यदि भाजपा और आम आदमी पार्टी की सीधी टक्कर है तो कुछ चुनिन्दा सीटें ऐसी भी है जहां कांग्रेस और भाजपा में भी सीधा मुकाबला है | जी हाँ हम बिलकुल सही कह रहे हैं उनमें से एक सीट पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र के तहत पड़पड़ गंज सीट भी है | यह एक ऐसी सीट है जहां हुए अभी तक विधानसभा के हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी एक बार भी जीत दर्ज नहीं कर सकी है | अभी तक हुए सात विधानसभा चुनावों में कांग्रेस चार बार तो आम आदमी पार्टी तीन बार चुनाव जीत चुकी है |

पिछला विधानसभा चुनाव इस सीट से से दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया करीब तीन हजार वोटो के अन्तराल से जीते थे | भाजपा के रवि नेगी नें उन्हें कड़ी टक्कर दी थी | इतने कम अन्तराल से मिली जीत और उसके बाद आबकारी घोटाले में आरोपित होने के बाद मनीष सिसोदिया इस सीट पर खतरा भांप यहाँ से जंगपुरा सीट के लिए पलायन कर गए थे | आप पार्टी नें उनके स्थान पर अवध ओझा को प्रत्याशी बनाया है जिन्हें स्थानीय नहीं होने के चलते ना तो यहाँ के कार्यकर्ताओं का ही और ना ही मनीष सिसोदिया समर्थकों का अपेक्षित समर्थन मिल पाया और मिलता भी कैसे चर्चा तो यहाँ तक है मनीष के अधिकांश समर्थक खुद जंगपुरा की जंग में मनीष के साथ शामिल हो गए हैं |

कांग्रेस खेमे में माना जा रहा है यहाँ की जंग में अवध कमजोर साबित हो रहे हैं और पड़पड़ गंज की जंग कांग्रेस के अनिल चौधरी तथा भाजपा के रवि नेगी के बीच ही रह गई है जहां तक अवध ओझा का सवाल है अवध इसे त्रिकोणीय बनांते भी नहीं दिख रहे | आप के परम्परागत वोट भी उन्हें मिल पायेगें इस सम्भावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता | रवि नेगी पर भाजपा नें एक बार फिर से भरोसा जताया है पार्टी के भरोसे पर वे कितना खरा उतरते है यह तो आठ तारीख को ही पता चलेगा | रवि इसी क्षेत्र से निगम पार्षद भी हैं जबकि अनिल चौधरी नें विधानसभा में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है और वे अपने कार्यकाल के आधार पर ही जनता से समर्थन मांग रहे है |

दिल्ली कांग्रेस का अध्यक्ष रहते हुए अनिल नें इस विधानसभा में सन्गठन को काफी मजबूती दी है जो उनके काम आती दिख रही है | अनिल चौधरी को राहुल गांधी के काफी नजदीक माना जाता है लिहाजा न केवल उनके क्षेत्र के अपितु अन्य क्षेत्रो के कार्यकर्ता भी उनके लिए जी जान से जुटे है | भाजपा भी इस सीट को अपनी ए कटेगरी की सीट मान कर चल रही है परिणाम क्या रहेगा यह तो वक्त बतायेगा लेकिन यह तय है कांटे की टक्कर रहने वाली है इस सीट पर | आज बस इतना ही …

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