झूठे वादे करके जनता को भ्रमित न करें केजरीवाल : रोमेश गुप्ता
* पंजाब में भी किया था वादा ,नहीं किया पूरा
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : दिल्ली की जनता का भरोसा आम आदमी पार्टी के ऊपर से उठ चुका है | इस पार्टी के भ्रष्टाचार अब जनता के सामने है और विधानसभा चुनाव में इस पार्टी का सफाया होना तय है | यह कहना भारतीय जनता पार्टी शाहदरा जिले के महामंत्री रोमेश चन्द्र गुप्ता का | रोमेश गुप्ता कहते हैं यही कारण है कि दिल्ली में अपनी जमीन खिसकती देख अरविन्द केजरीवाल गृहमंत्री को पत्र लिख रहे है आम आदमी पार्टी चाहे दिल्ली हो या पंजाब कहीं भी महिलाओं को वो सम्मान दे ही नही पाई जिनकी वे हकदार हैं |
रोमेश गुप्ता कहते हैं अरविन्द केजरीवाल को महिला सम्मान की इतनी चिंता होती तो दिल्ली की जनता नें उन्हें-तीन बार सत्ता सौंपी तब उन्होंने इस योजना को क्यों नहीं लागू किया | हमेशा केजरीवाल केंद्र और उपराज्यपाल पर दोष मढ़ते रहे और अभी क्या गारंटी है कि वे इस योजना को लागू ही कर देंगे और ना जाने कब कह दें हमने तो घोषणा कर दी थी लेकिन उपराज्यपाल नें मंजूरी नहीं दी | जनता अब समझ चुकी है केजरीवाल की घोषणायें केवल चुनावों को देखते हुए ही हो रही हैं |
रोमेश गुप्ता कहते हैं कि मार्च 2024 में महिलाओं को 1000 रुपये देने में विफल केजरीवाल ने चुनावी दौर में भ्रमित करने के लिए 2100 रुपये देने की घोषणा कर दी जबकि उन्होंने नवम्बर 2022 में पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को 1000 रुपये देने का वादा किया था, उस पर कोई संज्ञान नही लिया। शायद केजरीवाल रेवड़ियां सिर्फ दस्तावेजों में ही बांट रहे है। आज कहीं कोई जानकारी नही कि पंजाब में 18 वर्ष पूरी कर चुकी कितनी महिलाओं को 1000 रुपये की अनुदान राशि दी जा रही है | क्योंकि महिलाओं के लिए दिल्ली और पंजाब दोनो राज्यों में केजरीवाल की कोई घोषणा को सही प्रारूप में लागू ही नही किया गया।
रोमेश गुप्ता कहते हैं कि महिलाओं 1000 देने हेतू पंजाब सरकार द्वारा 23-24 के बजट में 1200 करोड़ का बजट जरुर प्रस्तावित किया गया था, परंतु यह अनुदान मिल रहा है इसकी किसी के पास कोई जानकारी नही | उन्होंने कहा कि पंजाब की 5 गारंटी में महिलाओं को 1000 देने की गारंटी पंजाब से नदारद है। उन्होंने कहा कि शराब घोटाले के भ्रष्टाचार का पाप धोने के लिए अरविन्द केजरीवाल महिलाओं को 2100 रुपये का चुनावी दाव खेलकर असफल कोशिश कर रहे है, क्योंकि बेरोजगारी और महंगाई से त्रस्त महिलाओं पिछले 11 वर्षो से दिल्ली सरकार की अनदेखी झेल रही है।



