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पूर्व CJI रंजन गोगोई को असम सरकार देगी राज्य का सर्वोच्च सम्मान, सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने किया ऐलान

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पूर्व CJI रंजन गोगोई को असम सरकार देगी राज्य का सर्वोच्च सम्मान, सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने किया ऐलान

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने मंगलवार (16 जनवरी) को ऐलान किया कि पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई को राज्य का सर्वोच्च सम्मान दिया जाएगा.

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने मंगलवार (16 जनवरी) को बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि पूर्व सीजेआई और राज्यसभा के सांसद रंजन गोगोई को असम वैभव पुरस्कार दिया जाएगा.

हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ”मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि असम सरकार राज्यसभा के सांसद और पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को राज्य के सर्वोच्च सम्मान असम वैभव से सम्मानित करेगी.”

सरमा ने आज दिन में बताया था कि सीजेआई के पद पर आसीन होने वाले उत्तर पूर्व से आने वाले पहले जस्टिस रंजन गोगोई को असम वैभव पुरस्कार दिया जा रहा है. राज्य का सर्वोच्च सम्मान रंजन गोगोई को 10 फरवरी को दिया जाएगा.

इस अहम फैसला का रहे हिस्सा

रंजन गोगोई कई अहम फैसलों का हिस्सा रहे हैं. पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बेंच ने 2019 में एक ऐतिहासिक फैसले में अयोध्या में राम मंदिर को लेकर निर्णय दिया था. साथ ही कोर्ट ने अयोध्या में मस्जिद के निर्माण के लिए पांच एकड़ का वैकल्पिक भूखंड मुहैया कराने का आदेश दिया था.

इसके बाद अयोध्या में राम मंदिर बनना शुरू हुआ. आगामी 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह होगा. इसमें प्रधानमं6ी नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित हजारों लोग शामिल होंगे.

बता दें कि अयोध्या के राम मंदिर में मूर्तिकार अरुण योगीराज की तराशी हुई रामलला की मूर्ति को गर्भ गृह में स्थापित किया जाएगा. मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार (15 जनवरी) को बताया था कि नई मूर्ति में भगवान राम को पांच साल के बच्चे के रूप में खड़ी मुद्रा में दर्शाया गया है.

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