भारत की स्टार खिलाड़ी सानिया मिर्जा और उनके जोड़ीदार हमवतन रोहन बोपन्ना को शुक्रवार को यहां ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस टूर्नामेंट के मिश्रित युगल में हार का सामना करना पड़ा। इस तरह से सानिया का अपने ग्रैंडस्लैम करियर का अंत खिताब के साथ करने का सपना पूरा नहीं हो पाया। उन्होंने अपने करियर में छह ग्रैंडस्लैम खिताब जीते हैं। सानिया और बोपन्ना की गैर वरीयता प्राप्त जोड़ी रोड लेवर एरेना में खेले गए फाइनल में लुइसा स्टेफनी और राफेल माटोस की ब्राजीलियाई जोड़ी से 6-7 (2) 2-6 से हार गई। सानिया ने अपने करियर में तीन महिला युगल और इतने ही मिश्रित युगल ग्रैंडस्लैम खिताब जीते हैं। बयालीस वर्षीय बोपन्ना ने फ्रेंच ओपन के रुप में मिश्रित युगल का एक ग्रैंडस्लैम खिताब जीता है।
सानिया ने महेश भूपति के साथ मिलकर 2009 में ऑस्ट्रेलियन ओपन के रूप में अपना पहला ग्रैंड स्लैम जीता था। इसके बाद उन्हीं के साथ 2012 में फ्रेंच ओपन का मिश्रित युगल खिताब जीता था। उन्होंने 2014 में ब्राजील के ब्रूनो सोरेस के साथ यूएस ओपन की युगल ट्रॉफी जीती। ऑस्ट्रेलियन ओपन के मिश्रित में वह पांच बार फाइनल में पहुंची और एक बार चैंपियन बनीं। सानिया ने कहा, मैंने 2005 में 18 साल की उम्र में यहां शुरुआत की थी और तब मैं सेरेना विलियम्स के खिलाफ खेली थी। मुझे यहां बार-बार आने और कुछ टूर्नामेंट में जीत दर्ज करने का सौभाग्य मिला। मैंने यहां कुछ अच्छे फाइनल खेले। रॉड लेवर एरेना निश्चिततौर पर मेरी जिंदगी में विशेष स्थान रखता है। अपने ग्रैंड स्लैम करियर का अंत करने के लिए इससे बढ़िया स्थान कोई नहीं हो सकता। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं बेटे के सामने ग्रैंड स्लैम फाइनल खेलूंगी। इसलिए यह मेरे लिए खास है। मेरा चार साल का बेटा यहां है और मेरे माता-पिता यहां हैं। रोहन की पत्नी, मेरा ट्रेनर और मेरा परिवार ऑस्ट्रेलिया में है जिससे मुझे यहां घर जैसा माहौल लग रहा है। कारा ब्लैक मेरी बहुत अच्छी सहेली और मेरी सर्वश्रेष्ठ जोड़ीदार रही है। मैं इन सब जोड़ीदारों के बिना कुछ भी हासिल नहीं कर सकती थी और इसलिए वे मेरे लिए खास हैं।’



