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PM Modi Security: मुंबई में कार्यक्रम से पहले दो संदिग्ध गिरफ्तार, फर्जी सरकारी ID से एंट्री का आरोप; एक के पास मिली बंदूक

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PM Modi Security: मुंबई में कार्यक्रम से पहले दो संदिग्ध गिरफ्तार, फर्जी सरकारी ID से एंट्री का आरोप; एक के पास मिली बंदूक

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महाराष्ट्र दौरे और मुंबई में प्रस्तावित कार्यक्रम से ठीक पहले सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र और जियो वर्ल्ड प्लाजा परिसर में संदिग्ध तरीके से प्रवेश करने के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इनमें से एक व्यक्ति खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय यानी पीएमओ का अधिकारी बता रहा था, जबकि उसके साथ मौजूद व्यक्ति के पास बंदूक थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।

मुंबई पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय रोहन प्रेनल पारिख और 49 वर्षीय दिलीप राजा कुंडे के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को मंगलवार को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

यह घटना सोमवार की बताई गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुंबई में कार्यक्रम मंगलवार को निर्धारित था। ऐसे में पीएम के दौरे से ठीक एक दिन पहले हाई-प्रोफाइल परिसर में संदिग्ध तरीके से प्रवेश का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं।

पुलिस के अनुसार बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स यानी बीकेसी स्थित नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र में एक 24 वर्षीय युवक को हिरासत में लिया गया था। आरोप है कि युवक ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी बताया था।

युवक के साथ एक व्यक्ति बॉडीगार्ड के रूप में मौजूद था। उसके पास एक बंदूक मिली। हथियार मिलने के बाद पुलिस ने उसके लाइसेंस की जांच की। मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में हथियार का लाइसेंस वैध पाया गया है।

हालांकि जांच का मुख्य बिंदु केवल हथियार नहीं बल्कि संदिग्ध पहचान के आधार पर परिसर में प्रवेश करने का तरीका भी है। पुलिस का आरोप है कि संदिग्ध सरकारी पहचान पत्र का इस्तेमाल कर सुरक्षा व्यवस्था को पार करने का प्रयास किया गया।

मुंबई पुलिस के मुताबिक तीन लोगों ने एक संदिग्ध सरकारी आईडी कार्ड का इस्तेमाल किया और हथियार के साथ मॉल की सुरक्षा को पार करते हुए बीकेसी स्थित जियो वर्ल्ड प्लाजा में जबरन प्रवेश किया। इस घटनाक्रम के बाद सुरक्षा कर्मचारियों और पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस्तेमाल किया गया कथित सरकारी पहचान पत्र कहां से आया था और इसे किसने तैयार किया था। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों का परिसर में प्रवेश करने का वास्तविक उद्देश्य क्या था।

मामले में बीकेसी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार सरकारी कर्मचारी होने का कथित तौर पर नाटक करने, संदिग्ध सरकारी पहचान पत्र का इस्तेमाल करने और हथियार के साथ गैर-कानूनी तरीके से परिसर में प्रवेश करने समेत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच ने आगे की जांच अपने हाथ में ली है। जांच एजेंसी गिरफ्तार आरोपियों की पृष्ठभूमि, उनके आपसी संबंध, परिसर में आने के कारण और कथित फर्जी पहचान पत्र से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना में जिस तीसरे व्यक्ति का जिक्र सामने आया है, उसकी भूमिका क्या थी। पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों, प्रवेश से संबंधित रिकॉर्ड और सुरक्षा कर्मचारियों से मिली जानकारी की भी जांच की जा सकती है।

पुलिस के मुताबिक घटना सोमवार को हुई थी। इसके बाद कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। मंगलवार को दोनों आरोपियों को अदालत के सामने पेश किया गया। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच के लिए हिरासत की मांग की, जिसके बाद अदालत ने दोनों को 11 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया।

घटना ऐसे समय सामने आई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को मुंबई पहुंचने वाले थे। प्रधानमंत्री का शाम करीब 5:45 बजे ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन करने का कार्यक्रम निर्धारित था।

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का सातवां संस्करण 8 से 11 सितंबर तक मुंबई में आयोजित किया जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में वित्तीय प्रौद्योगिकी, डिजिटल अर्थव्यवस्था और तेजी से बदलते वैश्विक वित्तीय परिदृश्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होनी है।

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट की शुरुआत वर्ष 2020 में हुई थी। इसके बाद से यह आयोजन वित्तीय तकनीक और डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच के रूप में उभरा है।

इस आयोजन में नीति निर्माता, नियामक संस्थाओं के प्रतिनिधि, केंद्रीय बैंक, वित्तीय संस्थान, फिनटेक और प्रौद्योगिकी कंपनियां, निवेशक, शिक्षाविद तथा विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ हिस्सा लेते हैं। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के कारण आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

इसी पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री के मुंबई कार्यक्रम से एक दिन पहले संदिग्ध सरकारी पहचान पत्र का कथित इस्तेमाल कर हथियार के साथ हाई-प्रोफाइल परिसर में प्रवेश करने की घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने यह साफ किया है कि बरामद हथियार का लाइसेंस वैध था।

अब जांच का फोकस आरोपियों की मंशा, कथित सरकारी आईडी कार्ड की सत्यता और परिसर में प्रवेश करने के पीछे के उद्देश्य पर है। क्राइम ब्रांच यह भी जांच रही है कि खुद को पीएमओ अधिकारी बताने का दावा क्यों किया गया और इसका इस्तेमाल सुरक्षा व्यवस्था को पार करने के लिए किया गया था या नहीं।

फिलहाल दोनों गिरफ्तार आरोपी 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना केवल कथित फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर परिसर में प्रवेश करने का मामला था या इसके पीछे कोई अन्य उद्देश्य भी था।

 

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