Yamuna Cleaning Project: यमुना सफाई परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी: एम. एल. भास्कर
यमुना नदी की सफाई को लेकर रोहिणी जिला कांग्रेस कमेटी के एससी विभाग के चेयरमैन डॉ. एम. एल. भास्कर ने कहा है कि यह मुद्दा दिल्ली के पर्यावरण, जनस्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यमुना सफाई से संबंधित योजनाओं को राजनीतिक प्रचार से अलग रखते हुए उनके परिणामों, खर्च और कार्यान्वयन की नियमित समीक्षा की जानी चाहिए। उनके अनुसार, नदी की सफाई के लिए किए जा रहे प्रयासों का आकलन केवल घोषणाओं और अभियानों के आधार पर नहीं, बल्कि वास्तविक प्रगति और प्रदूषण में आए बदलाव के आधार पर होना चाहिए।
एम. एल. भास्कर ने कहा कि यमुना की सफाई के लिए करोड़ों रुपये के टेंडर स्वीकृत किए गए हैं। ऐसे में सरकार को जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि इन टेंडरों के तहत कितनी राशि आवंटित की गई और अब तक कितना खर्च हुआ है। उन्होंने यह भी पूछा कि किन एजेंसियों को सफाई से जुड़े कार्य सौंपे गए हैं और निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले अब तक कितनी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उनके मंत्री, भाजपा नेता और कार्यकर्ता सफाई अभियानों में भाग लेते हैं, तो इन अभियानों और नियमित सफाई परियोजनाओं की भूमिका, लागत तथा परिणामों का विवरण भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
भास्कर ने कहा कि सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता और जवाबदेही लोकतांत्रिक शासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। यमुना की सफाई के मामले में केवल घोषणाएं करना या समय-समय पर अभियान चलाना पर्याप्त नहीं है। नदी में गिरने वाले गंदे नालों, सीवेज, औद्योगिक प्रदूषण और ठोस कचरे को नियंत्रित करने के लिए समयबद्ध तथा प्रभावी उपाय किए जाने जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर ठोस कार्रवाई किए बिना नदी की स्थिति में स्थायी सुधार सुनिश्चित करना मुश्किल होगा।
एम. एल. भास्कर ने मांग की कि यमुना सफाई परियोजनाओं से संबंधित टेंडर, स्वीकृत बजट, खर्च की गई राशि, जिम्मेदार एजेंसियों और कार्यों की प्रगति का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने परियोजनाओं की निगरानी के लिए स्वतंत्र व्यवस्था बनाने और नियमित गुणवत्ता जांच कराने पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, इससे यह आकलन करने में मदद मिलेगी कि निर्धारित धनराशि का उपयोग किस प्रकार किया गया और उससे नदी की स्थिति में कितना सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि यमुना दिल्ली की जीवन रेखा है और इसकी सफाई किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित मुद्दा नहीं, बल्कि सभी दिल्लीवासियों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर विशेषज्ञों, स्थानीय निकायों और नागरिक संगठनों के साथ समन्वय करने की अपील की। भास्कर ने कहा कि यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन, नियमित निगरानी और ठोस परिणाम सुनिश्चित करना आवश्यक है।



