Kovalam Spa Case: केरल में नाबालिग लड़की के यौन शोषण के आरोप में दो स्पा संचालक गिरफ्तार, फर्जी आधार कार्ड से छिपाई गई उम्र
केरल के तिरुवनंतपुरम जिले के कोवलम में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के कथित यौन शोषण के मामले में पुलिस ने दो स्पा संचालकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सजित कुमार और निशांत के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों को अलग-अलग स्पा केंद्रों में लड़की के कथित शोषण से जुड़े मामले में पकड़ा गया है। जांच के दौरान सामने आया कि आंध्र प्रदेश की रहने वाली लड़की को कथित तौर पर उसकी मौसी और मौसा स्पा में काम करने के लिए लेकर आए थे। पुलिस का आरोप है कि लड़की की वास्तविक उम्र छिपाने के लिए ऐसे आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया, जिसमें उसकी उम्र 20 वर्ष दर्ज थी, जबकि स्कूल के दस्तावेजों से उसकी उम्र 16 वर्ष होने की पुष्टि हुई। लड़की को सुरक्षा के लिए शेल्टर होम में रखा गया है।
पुलिस के मुताबिक, लड़की के माता-पिता की कम उम्र में मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद वह अपनी मौसी की देखरेख में रह रही थी। आरोप है कि मौसी और उसका पति उसे अलग-अलग शहरों में ले गए और स्पा केंद्रों में काम करने के लिए मजबूर किया। जांच में सामने आया कि कोवलम लाने से पहले लड़की को चेन्नई और अन्य स्थानों के स्पा केंद्रों में भी काम करने के लिए भेजा गया था। पुलिस को संदेह है कि इस दौरान उसका यौन शोषण किया गया। अधिकारियों के अनुसार, जुलाई में लड़की को कोवलम के एक स्पा केंद्र में लाया गया था। बाद में किसी विवाद के चलते उसे दूसरे स्पा में ले जाया गया।
यह मामला उस समय सामने आया, जब लड़की की मौसी ने उसके लापता होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, लड़की 19 सितंबर को एक युवक के साथ स्पा से चली गई थी, जिससे उसकी वहां मुलाकात हुई थी। इसके बाद मौसी ने शिकायत दर्ज कराई और पुलिस ने तलाश शुरू की। जांच के दौरान लड़की का पता लगाया गया और उसे अदालत के समक्ष पेश किया गया। बाद में उसे एक शेल्टर होम में रखा गया, जहां काउंसलिंग के दौरान उसने कथित यौन शोषण के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने लड़की की उम्र की पुष्टि के लिए आंध्र प्रदेश में उसके स्कूल से संपर्क किया। स्कूल से मिले दस्तावेजों ने स्पष्ट किया कि वह नाबालिग है।
जांच के दौरान पुलिस को लड़की के दो आधार कार्ड मिलने की जानकारी भी सामने आई है। इनमें से एक दस्तावेज में उसकी उम्र 20 वर्ष दर्ज थी, जबकि दूसरे में उसकी वास्तविक उम्र 16 वर्ष बताई गई थी। पुलिस को संदेह है कि उसकी नाबालिग पहचान छिपाने के लिए दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, लड़की की मौसी और उसका पति इस मामले में प्रमुख संदिग्ध हैं और उनके खिलाफ भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि लड़की को दूसरे राज्यों में किन लोगों के संपर्क में लाया गया और क्या यह मामला मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
गिरफ्तार किए गए स्पा संचालकों के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि संबंधित स्पा केंद्रों में लड़की के साथ कथित शोषण कब और किन परिस्थितियों में हुआ। इसके अलावा, उन ग्राहकों और अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिनका नाम पूछताछ या उपलब्ध साक्ष्यों में सामने आ सकता है। पुलिस ने दोनों स्पा केंद्रों को बंद कर दिया है। जांच एजेंसियां संबंधित दस्तावेजों, मोबाइल फोन और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही हैं।
इस मामले में एक सरकारी स्वास्थ्य निरीक्षक के कथित संबंधों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि संबंधित अधिकारी का एक स्पा केंद्र के संचालन और वित्तीय लेनदेन से संबंध हो सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों और फोन संपर्कों की जांच की जा रही है। हालांकि, अधिकारी की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है और किसी भी आरोप को अंतिम रूप से स्थापित करने के लिए कानूनी प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है।
घटना के बाद केरल पुलिस ने स्पा केंद्रों में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए राज्यव्यापी जांच अभियान भी तेज कर दिया है। 19 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, राज्य में 821 पंजीकृत स्पा केंद्रों में से 586 का निरीक्षण किया गया। इस कार्रवाई के दौरान विभिन्न आरोपों में 14 मामले दर्ज किए गए और नियमों का पालन नहीं करने वाले 44 स्पा केंद्रों को नोटिस जारी किए गए। पुलिस का कहना है कि मसाज और वेलनेस सेवाएं देने वाले वैध प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई करना उद्देश्य नहीं है, बल्कि उनकी आड़ में कथित मानव तस्करी, यौन शोषण और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को रोकना प्राथमिकता है।



