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Illegal Liquor Delhi: कार्रवाई के आंकड़ों से नहीं रुकेगा अवैध नशे का कारोबार जमीनी स्तर पर सख्ती जरूरी : भारत सिंह राघव

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Illegal Liquor Delhi: कार्रवाई के आंकड़ों से नहीं रुकेगा अवैध नशे का कारोबार जमीनी स्तर पर सख्ती जरूरी : भारत सिंह राघव

नई दिल्ली (रविंद्र कुमार) : राजधानी में अवैध शराब की बिक्री और तस्करी के खिलाफ आबकारी विभाग द्वारा बड़ी संख्या में एफआईआर दर्ज किए जाने और गिरफ्तारियों के दावों के बीच कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है। आजादपुर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष भारत सिंह राघव ने कार्रवाई से जुड़े आंकड़ों को महज कागजी बताते हुए कहा कि यदि राजधानी में अवैध शराब का कारोबार वास्तव में इतनी गंभीरता से नियंत्रित किया जा रहा होता तो गलियों, झुग्गी-बस्तियों और विभिन्न इलाकों में नशे की अवैध उपलब्धता लगातार दिखाई नहीं देती। भारत सिंह राघव ने कहा कि सरकार की ओर से एफआईआर, गिरफ्तारी, वाहन जब्ती और शराब बरामदगी के आंकड़े जारी कर अपनी पीठ थपथपाना आसान है, लेकिन असली सवाल यह है कि अवैध शराब का नेटवर्क जमीनी स्तर पर आखिर समाप्त क्यों नहीं हो रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक तंत्र की मिलीभगत के बिना इतने बड़े स्तर पर नशे का अवैध कारोबार लंबे समय तक चलना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में केवल छोटे तस्करों को पकड़ने के बजाय उन लोगों तक पहुंचना होगा जो इस अवैध कारोबार को संरक्षण और आर्थिक मदद उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग के अनुसार अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान अवैध शराब की बिक्री और परिवहन के मामलों में 725 एफआईआर दर्ज कर 730 लोगों को गिरफ्तार किया गया तथा 197 वाहन जब्त किए गए। इसके अलावा करीब 2.20 लाख बोतल अवैध शराब बरामद किए जाने का दावा किया गया है। राघव ने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी स्वयं यह बताती है कि राजधानी में अवैध शराब की सप्लाई का नेटवर्क कितना सक्रिय है।
उन्होने कहा कि सरकार को आंकड़ों की बाजीगरी के बजाय कार्रवाई का परिणाम जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पिछले वर्ष की तुलना में कार्रवाई बढ़ी है तो फिर अवैध शराब की आपूर्ति के स्रोतों पर स्थायी रोक क्यों नहीं लग पा रही है। उन्होंने कहा कि केवल एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जब तक शराब की अवैध सप्लाई करने वाले मुख्य नेटवर्क, गोदामों, परिवहन चैनलों और संरक्षण देने वाले लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक छोटे तस्करों की गिरफ्तारी का कोई स्थायी प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली की भौगोलिक स्थिति और पड़ोसी राज्यों से जुड़े अनेक रास्तों के कारण अवैध शराब की तस्करी की चुनौती जरूर बड़ी है, लेकिन यही कारण बताकर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। सीमावर्ती इलाकों, प्रवेश मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए। भारत सिंह राघव ने सरकार से अवैध शराब और नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त नीति बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी नीति तैयार करनी चाहिए जिसमें केवल शराब की बरामदगी और गिरफ्तारी को सफलता का पैमाना न माना जाए, बल्कि अवैध सप्लाई की पूरी श्रृंखला को खत्म करने, दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए ठोस व्यवस्था हो।

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