Chandni Mahal Building Collapse: दिल्ली के पहाड़ी भोजला में जर्जर इमारत का हिस्सा ढहा, बाल-बाल बची लोगों की जान; कई वाहन क्षतिग्रस्त
नई दिल्ली। मध्य दिल्ली के चांदनी महल थाना क्षेत्र के पहाड़ी भोजला इलाके में सोमवार सुबह एक जर्जर इमारत का हिस्सा अचानक ढह गया। इमारत का मलबा नीचे खड़े कई दोपहिया वाहनों पर जा गिरा। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, करीब तीन से चार स्कूटी और मोटरसाइकिल मलबे की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गईं।
पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना सुबह करीब 11:22 बजे PCR कॉल के जरिए मिली। कॉल में पहाड़ी भोजला इलाके में एक इमारत का हिस्सा गिरने की जानकारी दी गई थी। सूचना मिलते ही चांदनी महल थाना पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल और उसके आसपास के हिस्से की घेराबंदी कर लोगों की आवाजाही रोक दी। इमारत का बाकी हिस्सा भी जर्जर होने के कारण वहां मौजूद लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
इसके बाद मलबे के नीचे और आसपास खड़े वाहनों को सावधानीपूर्वक हटाने का काम शुरू किया गया। पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि मलबा हटाने के दौरान इमारत का कोई दूसरा हिस्सा गिरने से नई दुर्घटना न हो।
प्रारंभिक जांच में किसी व्यक्ति के मलबे में दबे होने की जानकारी सामने नहीं आई। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर यह सुनिश्चित किया कि हादसे के वक्त इमारत के गिरे हुए हिस्से के नीचे कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।
हालांकि, इमारत का हिस्सा गिरने से नीचे खड़ी करीब तीन से चार स्कूटी और मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गईं। वाहनों को मलबे से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि संबंधित इमारत पहले से ही जर्जर हालत में थी। इसकी स्थिति को लेकर नगर निगम की ओर से पहले ही नोटिस जारी किए जाने की जानकारी मिली है। इमारत की खराब स्थिति को देखते हुए वहां मरम्मत का काम भी चल रहा था।
अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मरम्मत कार्य के दौरान इमारत का हिस्सा किस वजह से गिरा। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मरम्मत के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए थे या नहीं।
घटना के बाद संबंधित MCD अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी गई। पुलिस और नगर निगम के अधिकारी मिलकर इमारत की मौजूदा स्थिति का आकलन कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जर्जर हिस्से से आसपास रहने वाले लोगों को आगे कोई खतरा न हो।
घनी आबादी वाले पहाड़ी भोजला इलाके में हुए इस हादसे के बाद कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इमारत का हिस्सा अचानक गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए।
राहत की बात यह रही कि जिस स्थान पर मलबा गिरा, उस समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। अगर वहां लोग खड़े होते तो हादसा गंभीर रूप ले सकता था।
पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित करने के बाद संबंधित अधिकारियों के साथ आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इमारत के मालिक, मरम्मत कार्य और नगर निगम द्वारा पहले जारी किए गए नोटिस से संबंधित जानकारी भी जुटाई जा रही है।
इस घटना ने पुरानी दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों में मौजूद जर्जर इमारतों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर सामने ला दिया है। ऐसी इमारतों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए समय रहते मरम्मत और सुरक्षा उपाय बेहद महत्वपूर्ण हैं।
फिलहाल हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस और MCD की टीम कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई कर रही है और इमारत के बाकी हिस्से की सुरक्षा स्थिति की भी जांच की जा रही है।



