Jharkhand Exam Protest: रांची में पुलिस-छात्र झड़प मामले में 3 FIR दर्ज, 14 नामजद समेत 200 से ज्यादा अज्ञात आरोपी
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे नौकरी अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। शनिवार को रांची के कोतवाली थाने में इस मामले से जुड़ी तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गईं। इनमें 14 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 200 से अधिक अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस के साथ झड़प करने और निर्धारित रूट चार्ट के उल्लंघन समेत विभिन्न आरोपों में मामले दर्ज किए हैं।
रांची सिटी एसपी पारस राणा के मुताबिक, शुक्रवार को हुई झड़प को लेकर कोतवाली थाने में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। उन्होंने बताया कि एफआईआर में 14 लोगों को नामजद करने के साथ 200 से अधिक अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब घटना के दौरान बनाए गए वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
तीन एफआईआर में से एक पुलिस की शिकायत पर दर्ज की गई है। इसमें प्रदर्शन के दौरान सरकारी काम में बाधा डालने और प्रदर्शन के लिए निर्धारित रूट चार्ट के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा अन्य दो प्राथमिकी दो अलग-अलग व्यक्तियों की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई हैं।
पूरा विवाद शुक्रवार को उस समय बढ़ गया था जब झारखंड की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ नौकरी के अभ्यर्थी राजधानी रांची में प्रदर्शन कर रहे थे। बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई।
अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शनकारी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला फूंकने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और स्थिति झड़प में बदल गई।
प्रदर्शन ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ के बैनर तले किया जा रहा था। प्रदर्शन में शामिल छात्र नेता और नौकरी अभ्यर्थी राज्य की भर्ती प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जता रहे थे। उनका आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार ने अभ्यर्थियों की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्रवाई नहीं की।
प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं ने राज्य सरकार पर नौकरी के अभ्यर्थियों को कथित तौर पर धोखा देने और विश्वासघात करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट और ठोस कदम उठाने चाहिए।
विवाद के केंद्र में झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाएं भी हैं। अभ्यर्थियों की ओर से 11वीं और 13वीं जेपीएससी परीक्षाओं तथा जेएसएससी-सीजीएल के माध्यम से हुई नियुक्तियों से जुड़े मामलों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारी पक्ष के अनुसार, हाईकोर्ट द्वारा इनसे संबंधित कुछ अधिसूचनाओं को रद्द करने पर रोक लगाए जाने के बाद नौकरी अभ्यर्थियों में नाराजगी और बढ़ी है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं में अनिश्चितता बनी हुई है।
छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों की मांग है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और कथित अनियमितताओं से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो। उनका कहना है कि राज्य में सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की अनिश्चितता नहीं होनी चाहिए।
दूसरी तरफ पुलिस की ओर से प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और निर्धारित नियमों का पालन कराने की बात कही जा रही है। पुलिस की एफआईआर में सरकारी काम में बाधा डालने और तय रूट का उल्लंघन करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
तीन प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब पुलिस नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। इसके साथ ही 200 से अधिक अज्ञात आरोपियों की पहचान करने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के साथ प्रदर्शन के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो तथा तस्वीरें जांच में मददगार साबित हो सकती हैं।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि झड़प की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई, किस स्तर पर स्थिति नियंत्रण से बाहर गई और किन लोगों की क्या भूमिका रही। अलग-अलग शिकायतों में लगाए गए आरोपों की भी जांच की जाएगी।
वहीं तीन एफआईआर दर्ज होने के बाद भर्ती परीक्षाओं को लेकर पहले से चल रहा विवाद और गहरा गया है। एक तरफ नौकरी अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया और परीक्षाओं को लेकर अपनी मांगें उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प को लेकर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अब इस मामले में पुलिस जांच के साथ भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के अगले कदम पर भी नजर रहेगी। फिलहाल कोतवाली पुलिस तीनों एफआईआर के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है और झड़प में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।



