
Stampede: लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में करंट की अफवाह से भगदड़, 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत; 24 घायल
बिहार के लखीसराय जिले में सावन की तीसरी सोमवारी के मौके पर इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर, अशोकधाम में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। मंदिर के दक्षिणी द्वार से अशोकधाम स्टेशन मार्ग के बीच अचानक भीड़ बेकाबू होने से भगदड़ मच गई। हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 24 लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में लखीसराय, मुंगेर और पटना जिले की महिलाएं शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह अशोकधाम मंदिर में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान सुबह करीब 5:42 बजे अशोकधाम स्टेशन पर मोकामा-बैद्यनाथधाम मेला स्पेशल ट्रेन पहुंची। ट्रेन से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उतरकर बोलबम का जयघोष करते हुए मंदिर की ओर बढ़ने लगे। पहले से मौजूद श्रद्धालुओं की भीड़ में इनके शामिल होने के बाद रास्ते पर अचानक दबाव बढ़ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दृष्टिकिरण के आसपास भीड़ के बीच एक जर्जर विद्युत पोल गिर गया। पोल से जुड़े केबल तार से चिंगारी निकलने लगी। चिंगारी देखकर श्रद्धालुओं के बीच वहां करंट फैलने की अफवाह फैल गई। इसके बाद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। इसी दौरान भीड़ के दबाव से भगदड़ मच गई।
भगदड़ में कई लोग जमीन पर गिर गए और उनके ऊपर से भीड़ गुजरने लगी। इस दौरान सात महिला श्रद्धालु दब गईं। गंभीर रूप से घायल महिलाओं को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे में 24 अन्य श्रद्धालु घायल हुए हैं।
घायलों में 19 का इलाज सदर अस्पताल में और पांच का इलाज शहर के निजी अस्पतालों में चल रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को एंबुलेंस और अन्य वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों की टीम को अलर्ट कर उपचार शुरू कराया गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार प्रशासनिक अधिकारियों के साथ घटनास्थल और सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से हादसे की जानकारी ली और अस्पताल में भर्ती घायलों के इलाज की स्थिति का जायजा लिया। मुंगेर के प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा और डीआईजी राकेश कुमार ने भी घटनास्थल तथा अस्पताल पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। स्थानीय विधायक रामानंद मंडल भी मौके पर पहुंचे।
भीड़ के दबाव में घटनास्थल पर लगी बैरिकेडिंग भी टूटकर क्षतिग्रस्त हो गई। इस दौरान वहां तैनात एसएसबी के दो जवान भी बाल-बाल बच गए। हादसे के बाद मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अशोकधाम मंदिर हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के समुचित और त्वरित इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
अशोकधाम का मंदिर श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यहां जमीन की खुदाई के दौरान प्राप्त विशाल शिवलिंग स्थापित है। सावन की तीसरी सोमवारी होने के कारण मंदिर में सुबह से ही भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी थी। हादसे के बाद प्रशासन ने मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के इंतजाम और कड़े कर दिए हैं।





