Arun Tomar: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों के संघर्ष की जीत शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत: अरुण तोमर
नई दिल्ली (रविंद्र कुमार ) : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर आम आदमी पार्टी नेता ने इसे छात्रों के संघर्ष और जन दबाव का परिणाम बताया है। पार्टी नेता अरुण तोमर ने कहा कि केवल इस्तीफे से बात पूरी नहीं होगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर आम आदमी पार्टी के घोंडा विधानसभा के पूर्व संगठन मंत्री अरुण तोमर ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे छात्रों के लंबे संघर्ष और जन दबाव की जीत बताया। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा विवाद ने देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और इससे लाखों छात्रों तथा उनके अभिभावकों का भरोसा प्रभावित हुआ है।अरुण तोमर ने कहा कि यदि केंद्र सरकार समय रहते पारदर्शी और प्रभावी कार्रवाई करती, तो छात्रों को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मामले की गंभीरता को समझने में देरी की, जिससे युवाओं में असंतोष बढ़ा।उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता और छात्रों की आवाज की अहमियत को दर्शाता है, लेकिन केवल नेतृत्व परिवर्तन से समस्या का समाधान नहीं होगा। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस एवं स्थायी सुधार लागू करना आवश्यक है।अरुण तोमर ने केंद्र सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रभावी कानून और मजबूत व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए और सरकार को शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।



