Sikkim Tunnel Accident: समारदुंग सुरंग हादसे में अब तक 10 मजदूरों की मौत, NDRF बोली- अंदर कितने लोग फंसे हैं, इसकी भी पुष्टि नहीं
सिक्किम। सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन समारदुंग सुरंग में हुए भीषण हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। सोमवार को हुए भूस्खलन के कारण सुरंग का प्रवेश द्वार बंद हो गया था, जिसके बाद कई मजदूर अंदर फंस गए। अब तक 10 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 12 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। सुरंग के भीतर मीथेन गैस के रिसाव ने रेस्क्यू अभियान को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने बताया कि अब तक 10 शव सुरंग से बाहर निकाले जा चुके हैं, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सुरंग के अंदर कुल कितने लोग फंसे हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार करीब 1.5 किलोमीटर लंबी इस सुरंग के भीतर गैस का स्तर अधिक होने के कारण राहतकर्मियों को ऑक्सीजन मास्क पहनकर बचाव अभियान चलाना पड़ रहा है।
NDRF के अधिकारियों ने कहा कि सुरंग के अंदर मौजूद जहरीली गैस और मलबे के कारण बचाव कार्य बेहद जोखिम भरा हो गया है। फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि अंदर कितने मजदूर अब भी फंसे हुए हैं। इसी वजह से राहत अभियान पूरी सावधानी के साथ चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
घटनास्थल पर NDRF, SDRF, सिक्किम पुलिस और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा की संयुक्त टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। गैस रिसाव और मलबे के कारण कई बचावकर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया गया है कि सुरंग के भीतर प्रवेश करने वाले कुछ रेस्क्यू कर्मियों को चक्कर आने और बेहोश होने की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए बाहर लाया गया।
यह हादसा सोमवार दोपहर करीब 3:09 बजे नामची जिले के समारदुंग-झोलुंगे क्षेत्र में स्थित NHPC की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ। यह सुरंग पटेल इंजीनियरिंग द्वारा बनाई जा रही है। अचानक हुए भूस्खलन से सुरंग का रास्ता बंद हो गया और अंदर काम कर रहे मजदूर बाहर नहीं निकल सके। इसके बाद सुरंग के भीतर मीथेन गैस का रिसाव शुरू होने से हालात और गंभीर हो गए।
जिला प्रशासन के अनुसार मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताओं के लिए सिंगतम जिला अस्पताल, एसटीएनएम अस्पताल (गंगटोक) और नामची जिला अस्पताल भेजा गया है। वहीं सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।
राज्य सरकार ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं पूरे राहत अभियान की निगरानी कर रहे हैं। लगातार हो रही बारिश और कठिन परिस्थितियों के बावजूद सभी संबंधित विभागों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि फंसे हुए मजदूरों तक जल्द से जल्द सुरक्षित पहुंचा जा सके।
प्रशासन ने अभी तक सुरंग के भीतर फंसे लोगों की कुल संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है और अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।



