Home देश दुनिया Ayodhya Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में जांच...

Ayodhya Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में जांच तेज, 50 बैंक खातों की पड़ताल, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने इस्तीफे की खबरों का किया खंडन

0
7
Ayodhya Ram Mandir News, Ram Mandir Donation Scam, Ayodhya Latest News, Ram Janmabhoomi Trust News, Ayodhya Police Investigation

Ayodhya Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में जांच तेज, 50 बैंक खातों की पड़ताल, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने इस्तीफे की खबरों का किया खंडन

अयोध्या, 14 जुलाई। अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। जांच एजेंसियां अब सिर्फ चोरी में शामिल आरोपियों की पहचान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही तय करने की दिशा में भी काम कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, तैयार की जा रही विस्तृत जांच रिपोर्ट में उन सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और निगरानी तंत्र की भूमिका की समीक्षा की जाएगी, जिनकी जिम्मेदारी दान संग्रह, उसकी सुरक्षा, गिनती और बैंक में जमा कराने की प्रक्रिया पर थी।

सूत्रों का कहना है कि जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर इतनी लंबी अवधि तक कथित गबन का मामला सामने क्यों नहीं आया। यह भी देखा जा रहा है कि क्या संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने तय सुरक्षा मानकों और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन किया था या नहीं। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या संभावित अनियमितताओं के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज किया गया, जिससे कथित गड़बड़ी लंबे समय तक जारी रही।

रिपोर्ट में दान प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा किए जाने की संभावना है। इसमें डोनेशन बॉक्स की कस्टडी, नकदी का परिवहन, गिनती, बैंकिंग प्रक्रिया, सीसीटीवी सर्विलांस, ऑडिटिंग और रिकॉर्ड मेंटेनेंस तक प्रत्येक चरण की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं सुपरविजन, डॉक्यूमेंटेशन, एक्सेस कंट्रोल और आंतरिक जांच प्रणाली में किसी प्रकार की कमी तो नहीं थी, जिसने भक्तों के चढ़ावे को कथित रूप से दूसरी जगह भेजे जाने का अवसर दिया।

इसी बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने अपने इस्तीफे की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनके इस्तीफे की खबरें पूरी तरह निराधार और झूठी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने न तो कोई इस्तीफा दिया है और न ही ऐसा कोई विचार उनके मन में है।

स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने अपनी सफाई में कहा, “मैं पुणे में एक कमरे और किचन वाले साधारण घर में रहता हूं। उस घर की एक भी ईंट मेरे नाम पर नहीं है। मेरे इस्तीफे की खबरें पूरी तरह झूठी हैं। मैं छत्रपति शिवाजी महाराज का भक्त हूं और युद्ध के मैदान से भागने वालों में नहीं हूं।”

उधर, मामले की वित्तीय जांच भी तेजी से आगे बढ़ रही है। अयोध्या पुलिस ने कथित गबन की राशि का पूरा वित्तीय ट्रेल खंगालने, संभावित लाभार्थियों की पहचान करने और छिपाई गई संपत्तियों का पता लगाने के लिए आयकर विभाग से सहयोग मांगा है। जांच एजेंसियां फिलहाल गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े लगभग 50 बैंक खातों की गहन जांच कर रही हैं।

पुलिस सभी बैंक खातों के लेनदेन, नकद जमा, बड़ी निकासी, इंटर-अकाउंट ट्रांसफर और अन्य वित्तीय गतिविधियों का विश्लेषण कर रही है। बैंकों से संबंधित खातों के स्टेटमेंट, केवाईसी रिकॉर्ड, नॉमिनी विवरण और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री भी मांगी गई है, ताकि कथित गबन की रकम की आवाजाही का पूरा नक्शा तैयार किया जा सके।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं कथित रूप से चोरी की गई राशि को रिश्तेदारों के खातों के माध्यम से दूसरी जगह स्थानांतरित तो नहीं किया गया। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस रकम का इस्तेमाल शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट, अचल संपत्ति या अन्य निवेश माध्यमों में किया गया। जांचकर्ताओं को यह भी संदेह है कि कई छोटे-बड़े ट्रांजैक्शन के जरिए पैसों की लेयरिंग कर उनके स्रोत को छिपाने की कोशिश की गई हो सकती है।

जांच के दौरान आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों द्वारा खरीदी गई चल और अचल संपत्तियों की भी विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि कथित गबन की राशि केवल आरोपियों के व्यक्तिगत खातों तक सीमित नहीं हो सकती, बल्कि इसका दायरा और भी व्यापक हो सकता है। ऐसे में वित्तीय जांच के साथ-साथ प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया भी समानांतर रूप से आगे बढ़ रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित एजेंसियां अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here