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Ketan Agarwal Murder Case: ‘I Hate Man’ इंस्टा स्टोरी पर भोपाल की डॉक्टर 5 साल के लिए सस्पेंड, एसोसिएशन ने अपनाई जीरो टॉलरेंस नीति

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Ketan Agarwal Murder Case: 'I Hate Man

Ketan Agarwal Murder Case: ‘I Hate Man’ इंस्टा स्टोरी पर भोपाल की डॉक्टर 5 साल के लिए सस्पेंड, एसोसिएशन ने अपनाई जीरो टॉलरेंस नीति

भोपाल। पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर मध्य प्रदेश की एक डॉक्टर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। ऑल इंडिया डेंटल स्टूडेंट्स एंड सर्जन्स एसोसिएशन (AIDSA) ने डॉ. मुस्कान सोनी को संगठन के सभी पदों और सदस्यता से पांच वर्षों के लिए निलंबित कर दिया है। एसोसिएशन ने यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर की गई उनकी विवादित पोस्ट को संगठन की आचार संहिता और नैतिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए की है।

जानकारी के अनुसार डॉ. मुस्कान सोनी ने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी साझा की थी, जिसमें “I Hate Man” हैशटैग का इस्तेमाल किया गया था। सोशल मीडिया पर सामने आए उनके कथित कमेंट्स और पोस्ट को लेकर आरोप लगा कि उन्होंने पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपियों के पक्ष में टिप्पणी की और घटना को सही ठहराने का प्रयास किया। पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी व्यापक आलोचना हुई।

विवाद बढ़ने पर डॉ. मुस्कान सोनी ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी, लेकिन ऑल इंडिया डेंटल स्टूडेंट्स एंड सर्जन्स एसोसिएशन ने मामले को गंभीर मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का फैसला लिया। संगठन का कहना है कि केवल माफी मांगना इस मामले में पर्याप्त नहीं था।

29 जून को जारी निलंबन आदेश में AIDSA के नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट डॉ. दिवाकर मूदौतिया ने कहा कि डॉ. मुस्कान सोनी ने मृतक के प्रति अनुचित, अपमानजनक और असम्मानजनक टिप्पणियां की हैं, जो संगठन के संविधान, आचार संहिता और नैतिक मूल्यों का उल्लंघन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन किसी भी ऐसे बयान को स्वीकार नहीं कर सकता जो हिंसा का समर्थन करे, उसका महिमामंडन करे या किसी मृत व्यक्ति के प्रति अनादर प्रदर्शित करे।

एसोसिएशन ने डॉ. मुस्कान सोनी को तत्काल प्रभाव से मध्य प्रदेश इकाई के कोषाध्यक्ष पद से भी हटा दिया है। साथ ही उन्हें पांच वर्षों के लिए संगठन की सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान वे संगठन की ओर से किसी भी आधिकारिक कार्यक्रम, बैठक, सम्मेलन या अन्य गतिविधि में भाग नहीं ले सकेंगी और न ही किसी प्रकार का प्रतिनिधित्व कर सकेंगी।

डॉ. दिवाकर मूदौतिया ने कहा कि संगठन अपने अनुशासन और गरिमा को बनाए रखने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति पर काम करता है। उन्होंने कहा कि हर सदस्य से अपेक्षा की जाती है कि वह पेशेवर जीवन के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी जिम्मेदार और संतुलित व्यवहार करे।

फिलहाल डॉ. मुस्कान सोनी मध्य प्रदेश के सतना में कार्यरत हैं। इस कार्रवाई के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और पेशेवर संगठनों द्वारा सोशल मीडिया आचरण को लेकर सख्त रुख अपनाने की बहस भी तेज हो गई है।

 

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