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CM Shubhendu PA Murder Case: बलिया के आरोपी मोनू ने कोर्ट में किया सरेंडर, पत्नी बोली- मेरे पति को फर्जी फंसाया जा रहा

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CM Shubhendu PA Murder Case: बलिया के आरोपी मोनू ने कोर्ट में किया सरेंडर, पत्नी बोली- मेरे पति को फर्जी फंसाया जा रहा

Suvendu Adhikari के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस चर्चित मामले में कार खरीदने के आरोपी उत्तर प्रदेश के Ballia निवासी ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू ने गुरुवार को गैंगस्टर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। लंबे समय से फरार चल रहे मोनू की तलाश यूपी एसटीएफ और सीबीआई की टीमें कर रही थीं।

मोनू के सरेंडर की पुष्टि उसकी पत्नी महिमा सिंह ने की। उन्होंने दावा किया कि उनके पति को इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। महिमा सिंह ने कहा कि उन्हें सीबीआई जांच पर पूरा भरोसा है और जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।

जांच एजेंसियों के अनुसार, ज्ञानेंद्र सिंह मोनू पर आरोप है कि उसने हत्याकांड में इस्तेमाल की गई कार खरीदने में भूमिका निभाई थी। इसके अलावा आरोपी नवीन सिंह को हथियार उपलब्ध कराने का भी आरोप उस पर लगाया गया है। सीबीआई के निर्देश पर यूपी एसटीएफ और स्थानीय पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।

बताया जा रहा है कि कोर्ट में पेश होने से करीब एक घंटे पहले मोनू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में उसने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते हुए खुद को साजिश के तहत फंसाए जाने का आरोप लगाया। उसने अपने गांव के ही एक व्यक्ति पर षड्यंत्र रचने का दावा भी किया।

इस मामले की जांच के दौरान यूपी एसटीएफ और फेफना पुलिस ने थमह्नपुरा गांव निवासी नवीन सिंह के पास से पांच अवैध हथियार और 45 कारतूस बरामद किए थे। पूछताछ में नवीन ने मोनू सिंह और भीखपुर निवासी गोलू सिंह का नाम लिया था। इसके बाद जांच एजेंसियों ने कई संदिग्धों की तलाश तेज कर दी थी।

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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ज्ञानेंद्र सिंह मोनू पर उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड समेत कई राज्यों में 12 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2022 में जमीन विवाद को लेकर हुई फायरिंग की घटना में भी उसका नाम सामने आया था।

उधर, पीए हत्याकांड में मोनू का नाम आने के बाद गांव के एक अन्य पक्ष ने भी सुरक्षा की मांग की है। मुकेश सिंह की पत्नी रीमा सिंह ने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

इससे पहले सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में मोनू ने दावा किया था कि उसका राजनीतिक और व्यक्तिगत दुश्मनी के चलते नाम घसीटा जा रहा है। उसने आरोप लगाया था कि एक विपक्षी व्यक्ति उसे कोलकाता ले गया था और उसी ने कार खरीदवाई थी, लेकिन अब वही उसे फंसाने की कोशिश कर रहा है।

फिलहाल सीबीआई, यूपी एसटीएफ और अन्य जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में मोनू की वास्तविक भूमिका क्या थी।

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