सत्य के साथ • आपके साथरविवार, 8 नवंबर 2026
ADVERTISEMENTविज्ञापन के लिए संपर्क करेंCPN NEWS • YOUR BRAND HERE
ताज़ा खबर
Delhi Building Collapse: दिल्ली में इमारतें नहीं, निगम का भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था ढह रही है : श्याम सुन्दर अग्रवालFood Adulteration: मिलावट के खिलाफ मुख्यमंत्री का सड़क पर उतरना जन स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण : रोमेश चंद्र गुप्ताFood Adulteration: मुख्यमंत्री की सक्रियता से मिलावटखोरों में मचेगा हड़कंप, जनता की सेहत से समझौता नहीं करेगी सरकार : गुरमीत सिंह सूराPoland Shooting: क्राकोव के मुख्य बाजार में कार से अंधाधुंध फायरिंग, छह लोगों की मौत, 15 घायल; हमलावर गिरफ्तारIND vs NZ: छोटे लक्ष्य का पीछा करने में छूटे भारत के पसीने, दूसरे वनडे में चार रन से जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़तSharad Pawar Health Update: शरद पवार की सेहत में सुधार, तीन दिन बाद मुंबई के अस्पताल से मिली छुट्टी; घर पर जारी रहेगा इलाजSonia Gandhi Memoir: मोदी सरकार पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप, आपातकाल और राजीव गांधी से रिश्ते पर भी बोलीं सोनिया; भाजपा का पलटवारBismillah Khan House: पुश्तैनी मकान पर बुलडोजर चलने के अखिलेश यादव के दावे को परिवार ने नकारा, खुद करा रहा पुनर्निर्माण; भूतल पर बनेगा संग्रहालय

Legal News दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, इंजीनियर राशिद को मिली सीमित राहत

2 मिनट पढ़ें
Advertisement

Legal News दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, इंजीनियर राशिद को मिली सीमित राहत

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए बारामूला के सांसद Engineer Rashid को अपने बीमार पिता से मिलने के लिए सीमित राहत प्रदान की है। कोर्ट ने उन्हें 10 मई तक रोजाना 12 घंटे के लिए AIIMS Delhi जाने की अनुमति दी है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि हर दिन की मुलाकात के बाद उन्हें तिहाड़ जेल लौटना होगा।
अदालत ने इस फैसले में अपने पहले के आदेश को संशोधित करते हुए कहा कि इस राहत का उद्देश्य केवल पारिवारिक मुलाकात को संभव बनाना है। कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित किया कि इस दौरान सुरक्षा के सभी इंतजाम सख्ती से लागू किए जाएंगे और राशिद पर पुलिस की लगातार नजर रहेगी।
एनआईए ने इस दौरान कई आपत्तियां दर्ज कराईं, खासकर मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर, लेकिन कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि ऐसे तर्क व्यावहारिक नहीं हैं और आवश्यक परिस्थितियों में सीमित संचार की अनुमति दी जा सकती है।
राशिद ने दिल्ली में रहने के लिए एक स्थान की अनुमति भी मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने इसे अस्वीकार करते हुए कहा कि बिना उचित सत्यापन के किसी स्थान पर रहने देना सुरक्षा के लिहाज से सही नहीं होगा। इसलिए उन्हें केवल अस्पताल में निर्धारित समय बिताने की अनुमति दी गई है।
राशिद पर लगे आरोप गंभीर हैं और वह 2019 से तिहाड़ जेल में बंद हैं। एनआईए द्वारा दर्ज मामले में उन पर आतंकवादी संगठनों को फंडिंग करने और अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप हैं। इस मामले में उनके खिलाफ कई धाराओं के तहत आरोप तय किए जा चुके हैं।
इस फैसले ने यह दिखाया है कि न्यायपालिका कानून के दायरे में रहते हुए भी मानवीय पहलुओं को नजरअंदाज नहीं करती। हालांकि राहत सीमित है, लेकिन यह एक संतुलित निर्णय के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें सुरक्षा और संवेदना दोनों का ध्यान रखा गया है।

Advertisement

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया?

आपकी राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *