सत्य के साथ • आपके साथरविवार, 8 नवंबर 2026
ADVERTISEMENTविज्ञापन के लिए संपर्क करेंCPN NEWS • YOUR BRAND HERE
ताज़ा खबर
Delhi Building Collapse: दिल्ली में इमारतें नहीं, निगम का भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था ढह रही है : श्याम सुन्दर अग्रवालFood Adulteration: मिलावट के खिलाफ मुख्यमंत्री का सड़क पर उतरना जन स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण : रोमेश चंद्र गुप्ताFood Adulteration: मुख्यमंत्री की सक्रियता से मिलावटखोरों में मचेगा हड़कंप, जनता की सेहत से समझौता नहीं करेगी सरकार : गुरमीत सिंह सूराPoland Shooting: क्राकोव के मुख्य बाजार में कार से अंधाधुंध फायरिंग, छह लोगों की मौत, 15 घायल; हमलावर गिरफ्तारIND vs NZ: छोटे लक्ष्य का पीछा करने में छूटे भारत के पसीने, दूसरे वनडे में चार रन से जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़तSharad Pawar Health Update: शरद पवार की सेहत में सुधार, तीन दिन बाद मुंबई के अस्पताल से मिली छुट्टी; घर पर जारी रहेगा इलाजSonia Gandhi Memoir: मोदी सरकार पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप, आपातकाल और राजीव गांधी से रिश्ते पर भी बोलीं सोनिया; भाजपा का पलटवारBismillah Khan House: पुश्तैनी मकान पर बुलडोजर चलने के अखिलेश यादव के दावे को परिवार ने नकारा, खुद करा रहा पुनर्निर्माण; भूतल पर बनेगा संग्रहालय

Lucknow Fire Tragedy: विकासनगर झोपड़ी बस्ती में भीषण आग, दो बच्चों की मौत, 1200 झोपड़ियां राख

3 मिनट पढ़ें

Lucknow Fire Tragedy: विकासनगर झोपड़ी बस्ती में भीषण आग, दो बच्चों की मौत, 1200 झोपड़ियां राख

लखनऊ के विकासनगर सेक्टर-12 रिंग रोड किनारे स्थित अवैध झोपड़ी बस्ती में बुधवार शाम लगी भीषण आग ने भयंकर तबाही मचा दी। इस दर्दनाक हादसे में लापता हुए छह बच्चों में से आयुषी और स्वाती की मौत की पुष्टि हो गई है, जिससे पूरे इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बताया जा रहा है कि शाम के समय अचानक लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 1200 झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। झोपड़ियों में रखे लगभग 100 गैस सिलिंडर एक के बाद एक फटने लगे, जिससे आग और तेजी से फैल गई। धमाकों की आवाज और लपटों के बीच पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

इस भीषण अग्निकांड में कई परिवार बेघर हो गए हैं, जबकि करीब 50 मवेशियों के जिंदा जलने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसे बुझाने के लिए 22 दमकल की गाड़ियों को घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी और रात करीब 10 बजे जाकर आग पर काबू पाया जा सका।

घटना के दौरान भगदड़ में दो परिवारों के छह बच्चे लापता हो गए थे, जिनमें से दो की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बाकी बच्चों की तलाश के लिए पुलिस और प्रशासन द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। आसपास के इलाकों में भी बच्चों की तलाश जारी है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि आग लगने के बाद पुलिस और दमकल की टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंची, जिसके कारण आग ने इतना भयानक रूप ले लिया। इसको लेकर गुस्साए लोगों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्यों की निगरानी की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने के आदेश भी दिए गए हैं।

यह भीषण अग्निकांड न केवल प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े करता है, बल्कि झुग्गी बस्तियों में सुरक्षा व्यवस्था और अवैध गैस सिलिंडर के इस्तेमाल को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया?

आपकी राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *