Delhi Crime: पालम विलेज में अवैध LPG रिफिलिंग रैकेट का भंडाफोड़, 45 सिलेंडर बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार
दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के Palam Village क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध एलपीजी गैस भंडारण और रिफिलिंग के एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी में पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और भारी मात्रा में गैस सिलेंडर व उपकरण बरामद किए। यह कार्रवाई संभावित बड़े हादसे को टालने में अहम मानी जा रही है।
पुलिस के अनुसार, 28 मार्च 2026 की सुबह करीब 7 बजे पेट्रोलिंग के दौरान हेड कांस्टेबल राजेश को सूचना मिली कि आदर्श गली स्थित एक खाली प्लॉट में अवैध रूप से एलपीजी सिलेंडरों का भंडारण और रिफिलिंग का काम चल रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम, जिसमें एसआई आर.पी. मीना, एचसी राजेश और एचसी ललित कुमार शामिल थे, तुरंत मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने पाया कि एक टेंपो में बड़ी संख्या में Bharat Gas के घरेलू सिलेंडर भरे हुए थे। जांच में प्लॉट और वाहन से कुल 45 एलपीजी सिलेंडर बरामद किए गए। मौके पर यह भी खुलासा हुआ कि बिना किसी सुरक्षा मानकों के सिलेंडरों से गैस निकालकर दूसरे सिलेंडरों में भरी जा रही थी। इसके लिए गैस ट्रांसफर नोजल और वजन मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो बेहद खतरनाक प्रक्रिया है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों द्वारा कोई वैध लाइसेंस या अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इस प्लॉट को किराए पर लेकर अवैध रूप से गैस भंडारण और रिफिलिंग का काम शुरू किया था, जिससे मोटा मुनाफा कमाया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि यह अवैध गतिविधि Blue Flame Gas Service से जुड़े कर्मचारियों द्वारा संचालित की जा रही थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए Dwarka के एसडीएम, बीपीसीएल और फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण किया और अवैध गतिविधियों की पुष्टि की। पुलिस ने तीन आरोपियों—अनार सिंह (जय विहार, नजफगढ़), सत्यवीर (विजय एन्क्लेव, डाबरी) और विकास कुमार (राज नगर-II, पालम)—को गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 287/288 और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बरामद सभी सिलेंडर, गैस ट्रांसफर नोजल, वेटिंग मशीन और टेंपो को जब्त कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से इस अवैध धंधे में लिप्त थे और बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के गैस ट्रांसफर कर रहे थे, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है।



