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Road safety conclave 2026: रोड सेफ्टी काँक्लेव का भव्य उद्घाटन किया हर्ष मल्होत्रा नें

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Road safety conclave 2026: रोड सेफ्टी काँक्लेव का भव्य उद्घाटन किया हर्ष मल्होत्रा नें

नई दिल्ली ( सी. पी. एन. न्यूज़ ) 

भारत में सड़क सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने और युवाओं में जिम्मेदार आवागमन की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, रोड सेफ्टी कॉन्क्लेव 2026 का सफल आयोजन विवेकानंद स्कूल, आनंद विहार, दिल्ली में किया गया। भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित इस कॉन्क्लेव में नीति-निर्माताओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसका उद्देश्य जागरूकता को निरंतर और सार्थक कार्रवाई में परिवर्तित करना था। इस कार्यक्रम में लगभग 4,000 विद्यार्थियों (कक्षा 3 से 12 तक) और लगभग 100 स्कूलों से 500 से अधिक शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो सड़क सुरक्षा के प्रति जमीनी स्तर पर मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा कॉर्पोरेट कार्य राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, भाजपा शाहदरा ज़िला अध्यक्ष दीपक गाबा, विधायक ओमप्रकाश शर्मा, भाजपा शाहदरा ज़िला प्रवक्ता भारत गौड़, निगम पार्षद डॉ मोनिका पंत, रमेश गर्ग व पंकज लूथरा विवेकानंद विद्यालय प्रबंधक प्रद्युम्न आहूजा और संस्थापक योगधयान आहूजा उपस्थित रहे, जो सुरक्षित, स्मार्ट और सुदृढ़ सड़क नेटवर्क के निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कॉन्क्लेव का एक प्रमुख आकर्षण मां सरस्वती देवी का दीप प्रज्वलित कर, राष्ट्रीय गीत गाकर और दिव्य श्री राम स्तुति की प्रस्तुति विद्यालय के छात्रों द्वारा की गई। छात्रों को परिवर्तन के वाहक (चेंज-मेकर) के रूप में स्थापित करना रहा। कक्षा 3 से 12 तक के विद्यार्थियों ने सड़क सुरक्षा पोस्टर निर्माण, रोल-प्ले, नुक्कड़ नाटक, पैनल चर्चा, डॉक्यूमेंट्री निर्माण और नवाचार प्रतियोगिताओं जैसी विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की। इन पहलों का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि छात्रों को अपने समुदायों में “रोड सेफ्टी एंबेसडर” के रूप में सशक्त बनाना भी था, ताकि वे जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा दें और जागरूकता का विस्तार करें।

अपने संबोधन में हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के मार्गदर्शन में राजमार्ग विकास में उल्लेखनीय तेजी आई है, जिसमें अवसंरचना विस्तार के साथ सुरक्षा सुविधाओं के समावेश पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि देश ने सुरक्षित, स्मार्ट और टिकाऊ सड़क अवसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण प्रगति की है।उन्होंने आगे कहा कि सड़कें केवल भौतिक संपत्ति नहीं हैं, बल्कि वे लोगों, अवसरों और आर्थिक प्रगति को जोड़ने वाली जीवनरेखाएं हैं। भारत के पास आज लगभग 1,46,000 किमी का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क है, जो इसे विश्व के सबसे बड़े नेटवर्क में शामिल करता है। यह दृष्टिकोण विकसित भारत 2047 के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है, जहां विकास के साथ सुरक्षा, स्थिरता और नागरिकों का कल्याण सुनिश्चित किया जाता है।

हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में सड़क सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में स्थापित किया गया है। इसके तहत इंजीनियरिंग, प्रवर्तन, शिक्षा और आपातकालीन देखभाल की रणनीति को अपनाया गया है, जिसका लक्ष्य “शून्य मृत्यु दर” सुनिश्चित करना है। मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के माध्यम से सख्त दंड प्रावधान लागू किए गए हैं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि प्रवर्तन के साथ-साथ व्यवहार में बदलाव और सतत जन-जागरूकता भी आवश्यक है। श्री हर्ष मल्होत्रा ने यह भी उल्लेख किया कि पूर्वी दिल्ली, जो राजधानी का एक प्रमुख प्रवेश द्वार है, उच्च यातायात घनत्व वाला क्षेत्र है, इसलिए यहां स्कूल-आधारित जागरूकता अभियानों को प्राथमिकता देना अत्यंत आवश्यक है। सड़क सुरक्षा को केवल दुर्घटनाओं की रोकथाम तक सीमित न मानते हुए, श्री मल्होत्रा ने बताया कि सरकार ने कई नागरिक-केंद्रित पहलें शुरू की हैं, जिनमें पीएम राहत योजना शामिल है, जिसके तहत दुर्घटना पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है और राहगीर योजना, जो दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद कर अस्पताल ले जाएगा उसे 25,000/ रुपए से पुरस्कृत किया जाएगा। ताकि समय पर चिकित्सा सहायता के अभाव में किसी की जान न जाए। इसके साथ ही राजमार्ग हेल्पलाइन, उन्नत एंबुलेंस नेटवर्क, ट्रॉमा केयर केंद्र और त्वरित प्रतिक्रिया दल जैसे आपातकालीन तंत्र को भी सुदृढ़ किया गया है। क्रैश बैरियर, स्मार्ट संकेतक, रिफ्लेक्टिव मार्किंग, पैदल यात्री सुविधाएं और ब्लैक स्पॉट सुधार कार्यक्रम जैसी अवसंरचनात्मक पहलों ने भी सड़क सुरक्षा को मजबूत किया है। एआई आधारित निगरानी, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, स्वचालित प्रवर्तन और फास्टैग जैसी तकनीकों का उपयोग इस दिशा में परिवर्तनकारी भूमिका निभा रहा है।*
*माननीय केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि सड़क सुरक्षा जीवन की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। यातायात नियमों का पालन करना, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करना तथा मोबाइल फोन जैसी विचलित करने वाली चीजों से बचना और गाड़ी चलाते हुए नशा न करना—ये सभी उपाय जीवन बचा सकते हैं। जिम्मेदार ड्राइविंग, बेहतर सड़क अवसंरचना और नागरिकों में जागरूकता ही दुर्घटनाओं को कम करने के मुख्य आधार हैं।”रोड सेफ्टी कॉन्क्लेव” ने सामूहिक जिम्मेदारी के महत्व को भी रेखांकित किया, जिसमें सरकारी संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों और नागरिकों को एक साथ लाया गया। इसके प्रमुख उद्देश्यों में व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देना, स्कूल स्तर पर रोड सेफ्टी क्लब स्थापित करना, गेट सेफ्टी प्रणाली लागू करना और डेटा आधारित समाधान विकसित करना शामिल है।

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