Home देश दुनिया Tarun Tejpal Case: तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से झटका, दो हफ्ते...

Tarun Tejpal Case: तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से झटका, दो हफ्ते में करना होगा सरेंडर; 22 सितंबर को अगली सुनवाई

0
4
Tarun Tejpal Case Supreme Court

Tarun Tejpal Case: तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से झटका, दो हफ्ते में करना होगा सरेंडर; 22 सितंबर को अगली सुनवाई

नई दिल्ली। यौन उत्पीड़न के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से दोषी ठहराए गए तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। गिरफ्तारी से राहत और सरेंडर से छूट की मांग को लेकर शीर्ष अदालत पहुंचे तेजपाल को मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को बड़ा झटका लगा। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सरेंडर सर्टिफिकेट दाखिल किए जाने के बाद ही उनकी याचिका पर आगे सुनवाई की जाएगी।

बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद तरुण तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अपनी याचिका में सरेंडर से छूट देने की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए उन्हें तय समय सीमा के भीतर आत्मसमर्पण करने को कहा है।

मामले की सुनवाई के दौरान गोवा सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता अदालत में पेश हुए, जबकि तरुण तेजपाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा। सिब्बल ने तेजपाल को सरेंडर से छूट दिए जाने के समर्थन में अदालत के सामने अपनी दलीलें पेश कीं और सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने फैसले का भी हवाला दिया।

कपिल सिब्बल ने कहा कि जिस पूर्व फैसले का संदर्भ दिया जा रहा है, उसमें सरेंडर के लिए कोई आवेदन नहीं किया गया था। उन्होंने दलील दी कि तरुण तेजपाल के मौजूदा मामले की परिस्थितियां अलग हैं और इसलिए उस फैसले को सीधे इस मामले पर लागू नहीं किया जा सकता।

सुनवाई के दौरान जस्टिस अराधे ने इस दलील पर कहा कि जिस फैसले का हवाला दिया जा रहा है, वह एक आपराधिक अपील से संबंधित था। इसके बाद अदालत ने तेजपाल को दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का स्पष्ट निर्देश दिया। इस आदेश के चलते तेजपाल को फिलहाल गिरफ्तारी या आत्मसमर्पण से बचने की राहत नहीं मिल सकी है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया कि तरुण तेजपाल द्वारा सरेंडर किए जाने के बाद उसका सर्टिफिकेट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद ही उनकी याचिका पर आगे विचार किया जाएगा। मामले में अगली सुनवाई 22 सितंबर को निर्धारित की गई है।

यह मामला वर्ष 2013 में सामने आए कथित रेप केस से संबंधित है। गोवा की ट्रायल कोर्ट ने पहले तरुण तेजपाल को मामले में बरी कर दिया था। ट्रायल कोर्ट के इस फैसले को गोवा सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया।

6 अगस्त को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने तरुण तेजपाल को मामले में दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और दोषसिद्धि तथा सजा से संबंधित मामले में राहत की मांग के साथ सरेंडर से छूट की अर्जी भी लगाई।

दूसरी ओर, गोवा सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। राज्य सरकार ने तरुण तेजपाल को दी गई 10 साल की सजा को बढ़ाकर उम्रकैद करने की मांग की है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अब तेजपाल की ओर से हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ चुनौती के साथ सजा की अवधि को लेकर गोवा सरकार की मांग भी महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद तरुण तेजपाल के लिए दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करना आवश्यक होगा। शीर्ष अदालत ने इस चरण पर उन्हें सरेंडर से छूट देने से इनकार कर दिया है। आत्मसमर्पण के बाद सर्टिफिकेट अदालत में दाखिल किए जाने पर उनकी याचिका की आगे सुनवाई का रास्ता साफ होगा।

अब इस मामले पर अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 22 सितंबर को होगी। उस समय सुप्रीम कोर्ट तेजपाल की याचिका से जुड़े मुद्दों पर आगे विचार कर सकता है। फिलहाल बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तेजपाल को कोई तत्काल अंतरिम राहत नहीं मिली है और उन्हें अदालत द्वारा निर्धारित समय सीमा में सरेंडर करना होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here