Shibu Soren Demise: राष्ट्रपति मुर्मू और PM मोदी ने किए अंतिम दर्शन, झारखंड में शोक की लहर

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Shibu Soren Demise: राष्ट्रपति मुर्मू और PM मोदी ने किए अंतिम दर्शन, झारखंड में शोक की लहर

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड आंदोलन के प्रमुख स्तंभ शिबू सोरेन का सोमवार सुबह दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे और पिछले डेढ़ महीने से किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याओं और ब्रेन स्ट्रोक के कारण जीवन रक्षक प्रणाली पर थे। उनके निधन की खबर से न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर गंगाराम अस्पताल पहुंचकर शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ढाढ़स बंधाया और शोक संतप्त पत्नी कल्पना सोरेन से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। दुख की इस घड़ी में उनके परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की गई। उनका संपूर्ण जीवन आदिवासी समुदाय के उत्थान के लिए समर्पित रहा, जिसके लिए उन्हें सदा याद किया जाएगा।”

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पिता के निधन की पुष्टि करते हुए गहरे भावुक स्वर में ‘एक्स’ पर लिखा, “आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सबको छोड़कर चले गए… मैं आज शून्य हो गया हूं।” यह संदेश झारखंड की राजनीतिक और सामाजिक धरातल पर उनके गहरे प्रभाव की झलक देता है।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर सोमवार शाम 4 बजे रांची लाया जाएगा। वहां मोरहाबादी स्थित उनके आवास पर आमजन और समर्थकों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। मंगलवार सुबह 11 बजे झारखंड विधानसभा में अंतिम दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव रामगढ़ जिले के नेमरा ले जाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

शिबू सोरेन, जिन्हें ‘दिशोम गुरु’ के नाम से सम्मानित किया जाता था, ने झारखंड राज्य की स्थापना में एक अहम भूमिका निभाई थी। वे तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे और केंद्र में कोयला मंत्री समेत कई पदों पर रहे। उनका जीवन आदिवासी अधिकारों, जल-जंगल-जमीन की लड़ाई और सामाजिक न्याय के संघर्ष के लिए समर्पित रहा। वे झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और मुख्य स्तंभ थे।

डॉ. एके भल्ला, जो शिबू सोरेन का इलाज कर रहे थे, ने जानकारी दी कि उन्हें सुबह 8:56 बजे मृत घोषित किया गया। अस्पताल के बयान में कहा गया, “शिबू सोरेन पिछले एक महीने से गहन चिकित्सा में थे। हमारी पूरी मेडिकल टीम ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन वह अब हमारे बीच नहीं रहे।”

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