LPG Crisis in India: कालाबाजारी और सप्लाई में रुकावटों के बीच प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू की
देशभर में एलपीजी (LPG) की आपूर्ति को लेकर हाल ही में बढ़ती चिंताओं ने आम नागरिकों और व्यावसायिक संस्थानों के लिए परेशानी बढ़ा दी है। मिडिल ईस्ट में जंग और होर्मुज स्ट्रेट पर लगी पाबंदी के बीच भारत की एलपीजी इंडस्ट्री पर प्रभाव पड़ा है। कई शहरों में डिलीवरी में देरी और सिलेंडरों की कमी को लेकर नागरिक परेशान हैं। इस बीच प्रशासन ने जमाखोरी और कालाबाज़ारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
दिल्ली में कई बड़े प्राइवेट स्कूलों ने चेतावनी दी है कि यदि एलपीजी की सप्लाई और कम हुई, तो स्कूलों में दोपहर के खाने की सेवाओं पर असर पड़ सकता है। राष्ट्रीय राजधानी के कई मॉल्स ने रेस्टोरेंट्स से कहा है कि वे कम गैस इस्तेमाल करें और करीब 80% गैस सप्लाई के साथ ही अपने काम को जारी रखें। हालांकि, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव, सी. सेंथिल राजन ने स्पष्ट किया कि तेल कंपनियां इस संकट के दौरान भी रोजाना करीब 50 लाख सिलेंडर सप्लाई कर रही हैं और किसी तरह की कमी नहीं आई है।
उत्तर प्रदेश में भी प्रशासन ने जमाखोरी और कालाबाज़ारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई तेज़ कर दी है। प्रयागराज में लोगों की एलपीजी के लिए लगी लंबी कतारें देखी गईं, जबकि पटना ज़िला प्रशासन ने एक ही दिन में चार FIR दर्ज की। उपभोक्ताओं को घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिले में 28 विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो ब्लॉक स्तर पर निरीक्षण और अचानक छापेमारी करेंगी। पटना के शाहपुर में अनुमंडल प्रशासन ने भारी मात्रा में अवैध सिलेंडर बरामद किए और उपभोक्ताओं की बुकिंग भी जप्त की।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस ने एसपी नेता अब्दुल रेहान के घर से 55 एलपीजी सिलेंडर बरामद किए, जबकि तमिलनाडु के मदुरै में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। इन पर आरोप है कि उन्होंने एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी की थी। अधिकारियों ने बताया कि बरामद किए गए 163 घरेलू और 235 कमर्शियल सिलेंडर दो अलग-अलग जगहों पर जमा किए गए थे।
मुंबई और नवी मुंबई में भी एलपीजी डिलीवरी में देरी और लंबी कतारों की खबरें सामने आई हैं। कई लोगों ने बताया कि सिलेंडर बुकिंग के बावजूद उन्हें समय पर डिलीवरी नहीं मिली, जिससे रोज़मर्रा की ज़िंदगी प्रभावित हुई।
संसद में विपक्षी सांसदों ने एलपीजी आपूर्ति की स्थिति को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि एलपीजी सिलेंडरों की कमी और डिलीवरी में देरी के कारण आम नागरिक और व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने BJP मुख्यालय के सामने मिट्टी के चूल्हे लेकर प्रतीकात्मक विरोध भी किया।
इस बीच, उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने एलपीजी की किल्लत की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि देश में तेल और गैस की पर्याप्त आपूर्ति है। उन्होंने चेतावनी दी कि जमाखोरी, कालाबाज़ारी और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हर बुकिंग करने वाले उपभोक्ता को समय पर गैस रिफिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
एलपीजी संकट के बीच प्रशासन और पुलिस लगातार निगरानी बढ़ा रहे हैं, जिससे कालाबाज़ारी और अवैध जमाखोरी पर लगाम लगाई जा सके। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक सूचना स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।



