Delhi Fake Medicine Bust: ANTIF और क्राइम ब्रांच ने दूसरी नकली दवा फैक्ट्री का पर्दाफाश किया, मास्टर कोऑर्डिनेटर गिरफ्तार
दिल्ली में एएनटीएफ और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई ने एक और नकली दवा फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस अभियान में मास्टर कोऑर्डिनेटर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अब तक कुल 9 कार्टेल सदस्यों को पकड़ने में सफलता मिली है। पुलिस ने फैक्ट्री से भारी मात्रा में नकली दवाएं जब्त की हैं, जिनमें 1.6 लाख से अधिक नकली गोलियां, फर्जी एंप्यूल और ट्रामाडोल आधारित ओपिओइड शामिल हैं। इसके साथ ही अवैध दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनरी भी बरामद की गई।
जांच अधिकारियों के अनुसार यह नेटवर्क बड़े पैमाने पर नकली दवाओं का निर्माण कर आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा था और इसके जरिए मुनाफा कमा रहा था। ऑपरेशन का नेतृत्व इंस्पेक्टर नितेश कुमार ने किया, जबकि एसीपी सतेंद्र मोहन और डीसीपी संजीव कुमार यादव ने पूरे ऑपरेशन की निगरानी और मार्गदर्शन किया।
पुलिस ने बताया कि इस मामले की जांच अभी जारी है और कार्टेल के अन्य शेष सदस्यों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने आम लोगों को चेतावनी दी है कि नकली दवाओं का सेवन गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। उन्होंने विशेष रूप से अपील की है कि केवल प्रमाणित और वैध दवाओं का ही उपयोग किया जाए और किसी भी संदिग्ध स्रोत से दवाएं न खरीदी जाएँ।
इस खुलासे से यह स्पष्ट होता है कि नकली दवा निर्माण और वितरण का जाल कितना संगठित और खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कार्टेल केवल आर्थिक लाभ के लिए लोगों की जान के साथ जोखिम खेलते हैं। पुलिस ने इस मामले में लोगों से भी सहयोग की अपील की है, ताकि जल्द से जल्द नेटवर्क के अन्य सक्रिय सदस्य पकड़ में आ सकें।
फैक्ट्री की हालत और बरामद मशीनरी यह दर्शाती है कि यह नेटवर्क बड़े पैमाने पर दवाओं का उत्पादन कर रहा था और इससे न केवल स्वास्थ्य को खतरा था, बल्कि इस अवैध व्यापार से जुड़े आर्थिक नुकसान की भी संभावना थी।



