Lucknow ED raid: कोडीन कफ सिरप तस्करी केस में ईडी का बड़ा प्रहार, लखनऊ से वाराणसी तक 25 ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी
कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी और अवैध कारोबार से जुड़े बड़े नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे पूरे सिंडिकेट से जुड़े चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। शुक्रवार सुबह ईडी ने लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर, सहारनपुर, रांची और अहमदाबाद समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में करीब 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर दी। इस कार्रवाई से पूरे नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीमें सुबह करीब सात बजे एकसाथ अलग-अलग शहरों में सक्रिय हुईं। लखनऊ में सुल्तानपुर रोड स्थित स्वास्तिक सिटी में ईडी की टीम ने आलोक सिंह की आलीशान कोठी पर छापा मारा। आलोक सिंह एसटीएफ का बर्खास्त सिपाही बताया जा रहा है और उसका नाम इस पूरे सिंडिकेट से जुड़ने के बाद से लगातार चर्चा में है। बताया जा रहा है कि वह पूर्व सांसद धनंजय सिंह का करीबी है। छापेमारी के दौरान ईडी ने घर के अंदर घंटों तक तलाशी ली और कई अहम दस्तावेज, मोबाइल फोन और फाइलें जब्त की हैं।
ईडी की कार्रवाई यहीं तक सीमित नहीं रही। लखनऊ के एलडीए कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर और सरोजनीनगर में भी कई ठिकानों पर तलाशी ली गई। इसके अलावा वाराणसी, जौनपुर, सहारनपुर, रांची और अहमदाबाद में भी सिंडिकेट से जुड़े लोगों और कंपनियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई। सहारनपुर के शास्त्री नगर और कपिल विहार इलाके में भी ईडी की टीमें सक्रिय रहीं। यहां एबॉट हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के मालिक विभोर राणा के ठिकानों की भी तलाशी ली गई है। विभोर राणा और उसका भाई विशाल पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि कोडीन युक्त कफ सिरप का यह अवैध कारोबार सिर्फ भारत तक सीमित नहीं था, बल्कि इसकी सप्लाई नेपाल, बांग्लादेश समेत कई अन्य देशों तक फैली हुई थी। यही वजह है कि इस केस में यूपी पुलिस, एसटीएफ, एसआईटी और ईडी जैसी कई एजेंसियां एक साथ जांच में जुटी हैं। अब तक इस मामले में करीब 32 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल अब भी फरार है। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह दुबई भाग चुका है। हालांकि कुछ दिन पहले पुलिस ने उसके पिता भोला जायसवाल को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, इस केस में गिरफ्तार किए गए आलोक सिंह और अमित सिंह उर्फ टाटा की 55 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर की गई है। दोनों फिलहाल लखनऊ जेल में बंद हैं और 14 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर रहेंगे।
ईडी अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। कोडीन कफ सिरप तस्करी से जुड़े इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना एजेंसियों की प्राथमिकता है।



