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India Russia Meeting: भारत न्यूट्रल नहीं, शांति का पक्षधर: PM मोदी ने पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया, यूक्रेन संकट पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा

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India Russia Meeting: भारत न्यूट्रल नहीं, शांति का पक्षधर: PM मोदी ने पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया, यूक्रेन संकट पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा

नई दिल्ली, 4 दिसम्बर। भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने के उद्देश्य से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मंगलवार को दिल्ली पहुंचे, जहां हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में यूक्रेन युद्ध, वैश्विक शांति प्रयास, ऊर्जा सहयोग, रक्षा साझेदारी और आर्थिक विकास सहित कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

हैदराबाद हाउस पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया और उसके बाद दोनों नेता द्विपक्षीय बैठक के लिए आगे बढ़े। बैठक से पहले पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि भारत-रूस संबंधों की नींव 2001 की उस यात्रा में रखी गई थी जब पुतिन पहली बार भारत आए थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके और पुतिन के बीच 25 वर्षों से चली आ रही व्यक्तिगत मित्रता दोनों देशों के संबंधों को मजबूत आधार प्रदान करती है।

यूक्रेन संकट पर प्रधानमंत्री मोदी ने भारत का स्पष्ट रुख रखते हुए कहा कि भारत तटस्थ नहीं है, बल्कि शांति का पक्षधर है। उन्होंने कहा कि दुनिया को युद्ध और संघर्ष से बाहर निकलकर शांति और स्थिरता की दिशा में बढ़ना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा,
“यूक्रेन संकट के दौरान भी हमारी चर्चा लगातार जारी रही है, और आपने सच्चे मित्र की तरह सभी तथ्यों से अवगत कराया है। मेरा मानना है कि विश्वास बहुत बड़ी ताकत है। मैंने हमेशा कहा है कि विश्व कल्याण के लिए शांति का मार्ग तलाशना जरूरी है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि दुनिया जल्द ही शांति की ओर लौटेगी।”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि कोविड महामारी और वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल के बाद दुनिया अनेक चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे समय में देशों को एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए ताकि विकास और स्थिरता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि भारत शांति की हर पहल का समर्थन करेगा और किसी भी सकारात्मक प्रयास के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।

पीएम मोदी के संबोधन के बाद राष्ट्रपति पुतिन ने भी शांति के प्रति रूस की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यूक्रेन संघर्ष के समाधान को लेकर बातचीत जारी है और वह इस विषय पर भारत को विस्तृत जानकारी देंगे। उन्होंने भारत-रूस संबंधों को समय की कसौटी पर खरा उतरने वाली साझेदारी बताया और इस संबंध को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के प्रति आशा व्यक्त की।

राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है, और भारत जैसे उभरते नेतृत्व की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और व्यापार संबंधों में आगे बड़े विस्तार के संकेत मिल रहे हैं।

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