सत्य के साथ • आपके साथरविवार, 8 नवंबर 2026
ADVERTISEMENTविज्ञापन के लिए संपर्क करेंCPN NEWS • YOUR BRAND HERE
ताज़ा खबर
Delhi Building Collapse: दिल्ली में इमारतें नहीं, निगम का भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था ढह रही है : श्याम सुन्दर अग्रवालFood Adulteration: मिलावट के खिलाफ मुख्यमंत्री का सड़क पर उतरना जन स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण : रोमेश चंद्र गुप्ताFood Adulteration: मुख्यमंत्री की सक्रियता से मिलावटखोरों में मचेगा हड़कंप, जनता की सेहत से समझौता नहीं करेगी सरकार : गुरमीत सिंह सूराPoland Shooting: क्राकोव के मुख्य बाजार में कार से अंधाधुंध फायरिंग, छह लोगों की मौत, 15 घायल; हमलावर गिरफ्तारIND vs NZ: छोटे लक्ष्य का पीछा करने में छूटे भारत के पसीने, दूसरे वनडे में चार रन से जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़तSharad Pawar Health Update: शरद पवार की सेहत में सुधार, तीन दिन बाद मुंबई के अस्पताल से मिली छुट्टी; घर पर जारी रहेगा इलाजSonia Gandhi Memoir: मोदी सरकार पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप, आपातकाल और राजीव गांधी से रिश्ते पर भी बोलीं सोनिया; भाजपा का पलटवारBismillah Khan House: पुश्तैनी मकान पर बुलडोजर चलने के अखिलेश यादव के दावे को परिवार ने नकारा, खुद करा रहा पुनर्निर्माण; भूतल पर बनेगा संग्रहालय

Bismillah Khan House: पुश्तैनी मकान पर बुलडोजर चलने के अखिलेश यादव के दावे को परिवार ने नकारा, खुद करा रहा पुनर्निर्माण; भूतल पर बनेगा संग्रहालय

4 मिनट पढ़ें

Bismillah Khan House: पुश्तैनी मकान पर बुलडोजर चलने के अखिलेश यादव के दावे को परिवार ने नकारा, खुद करा रहा पुनर्निर्माण; भूतल पर बनेगा संग्रहालय

वाराणसी। भारत रत्न और शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के पुश्तैनी मकान को लेकर उठे विवाद में परिवार ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मकान में तोड़फोड़ से जुड़ा वीडियो साझा कर भाजपा सरकार पर सांस्कृतिक विरासत नष्ट करने का आरोप लगाया था। हालांकि, परिवार का कहना है कि मकान पर कोई सरकारी बुलडोजर कार्रवाई नहीं हुई है। जर्जर भवन का पुनर्निर्माण परिवार अपनी सहमति और आपसी सहयोग से करा रहा है।

परिवार ने बताया कि पुराने मकान की हालत खराब हो चुकी थी और उससे दुर्घटना का खतरा था। इसी वजह से भवन को नए सिरे से बनाने का निर्णय लिया गया। पुनर्निर्माण के बाद भूतल पर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की स्मृतियों को समर्पित संग्रहालय बनाया जाएगा, जबकि पहली मंजिल पर परिवार के रहने की व्यवस्था होगी।

यह मकान वाराणसी के चौक क्षेत्र में सरायहड़हा की संकरी गलियों में स्थित है। उस्ताद की यादों से जुड़े इस आवास में चल रहे काम का वीडियो सामने आने के बाद मामला राजनीतिक चर्चा में आ गया। परिवार के सदस्यों ने कहा कि इलाके की गलियां इतनी संकरी हैं कि वहां बुलडोजर पहुंचने की स्थिति भी नहीं है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य को सरकारी कार्रवाई बताना गलत है।

अखिलेश यादव ने शनिवार, सात नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए भाजपा पर कला और कलाकारों के प्रति नकारात्मक रवैया रखने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि भारत रत्न से सम्मानित कलाकार की साझा सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचाना देश के सम्मान से जुड़ा विषय है।

सपा अध्यक्ष ने यह भी घोषणा की कि उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार बनने पर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की सांगीतिक धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए श्रवण-संग्रहालय बनाया जाएगा। उन्होंने मकान में हो रही तोड़फोड़ को निंदनीय बताया। इस पोस्ट के बाद परिवार ने सामने आकर पुनर्निर्माण की स्थिति स्पष्ट की।

उस्ताद के पोतों सहित परिवार के सदस्यों ने कहा कि संभवतः अखिलेश यादव को सही जानकारी नहीं मिली। उनके अनुसार, भवन को दोबारा बनाने का निर्णय परिवार ने लिया है। इसका उद्देश्य विरासत समाप्त करना नहीं, बल्कि जर्जर मकान को सुरक्षित रूप देना और उस्ताद की यादों को संरक्षित करना है।

परिवार के मुताबिक, बिस्मिल्लाह खान के बेटे-बेटियों के बीच पुनर्निर्माण को लेकर पहले ही निर्णय हो चुका था। सदस्य आपसी सहयोग से काम करा रहे हैं। इसके लिए अभी कोई सरकारी आर्थिक सहायता नहीं ली गई है। हालांकि, विरासत संरक्षण के लिए भविष्य में सहयोग मिलने पर परिवार ने उसका स्वागत करने की बात कही है।

प्रस्तावित संग्रहालय में उस्ताद की सांगीतिक विरासत और उनसे जुड़ी स्मृतियों को संरक्षित करने की योजना है। परिवार चाहता है कि पुश्तैनी आवास से जुड़ी पहचान बनी रहे और नई पीढ़ी उनके योगदान को जान सके। आवासीय जरूरतों और स्मृतियों के संरक्षण, दोनों को ध्यान में रखकर भवन का नया स्वरूप तैयार करने की बात कही गई है।

वाराणसी नगर निगम ने भी मकान के ध्वस्तीकरण में अपनी भूमिका से इनकार किया है। निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव के अनुसार, परिवार ने भवन की जर्जर स्थिति बताते हुए उसे अपनी ओर से दोबारा विकसित करने की इच्छा जताई थी। निगम की ओर से पहले संग्रहालय का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उस प्रस्ताव पर परिवार की सहमति नहीं मिली थी।

चौक थाना पुलिस के अनुसार, संपत्ति के कुछ हिस्सों को लेकर परिवार के भीतर विवाद सामने आया था, जिसे सुलझा लिया गया। पुलिस का कहना है कि संपत्ति स्वामी अपनी इमारत में काम करा रहा है। भवन की खराब स्थिति के संबंध में नगर निगम की ओर से नोटिस दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

वाराणसी विकास प्राधिकरण ने भी सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बाद स्थिति की जांच कराई। प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया कि काम किसी सरकारी ध्वस्तीकरण अभियान का हिस्सा नहीं है, बल्कि परिवार की निजी संपत्ति के नवीनीकरण से संबंधित है।

परिवार ने कहा है कि सरकार या अखिलेश यादव संग्रहालय और विरासत संरक्षण में मदद करना चाहें तो उसे आपत्ति नहीं है। लेकिन मौजूदा काम को जबरन सरकारी कार्रवाई के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए। फिलहाल परिवार की योजना उसी स्थान पर नया भवन बनाकर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की स्मृतियों के लिए संग्रहालय स्थापित करने की है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया?

आपकी राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *