Ayushman Arogya Mandir: दिल्ली को मिला पहला शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर: बीजेपी सरकार के 100 दिनों की बड़ी सौगात
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के पहले शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर का उद्घाटन किया। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित विशेष कार्यक्रम में इस स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने दिल्ली के विकास की दिशा में उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी दी और सरकार की 100 दिनों की रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में अब तक 33 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की योजना पर काम चल रहा है और शीघ्र ही ये सभी केंद्र विभिन्न इलाकों में पूरी तरह चालू हो जाएंगे। ये केंद्र न सिर्फ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेंगे, बल्कि नागरिकों की जीवनशैली सुधारने और सामुदायिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना भाजपा सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत दिल्ली की छवि को एक साफ, सुरक्षित और विकसित राजधानी के रूप में पुनर्स्थापित किया जा रहा है। यमुना की सफाई से लेकर सड़क निर्माण, बिजली-पानी की व्यवस्था सुधारने और शहरी आधारभूत ढांचे के विकास तक, सरकार विभिन्न मोर्चों पर काम कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं में यह नया कदम एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
इन आरोग्य मंदिरों में नागरिकों को 14 प्रकार की मुफ्त चिकित्सकीय जांच उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही 79 अन्य प्रकार की जांच भी आउटसोर्सिंग के माध्यम से सस्ती दरों पर कराई जा सकेगी। यहां बच्चों और वयस्कों के लिए नियमित टीकाकरण की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जो पहले मोहल्ला क्लीनिक में नहीं दी जाती थी। इसके अलावा गर्भावस्था से पहले और बाद की देखभाल, परिवार नियोजन, पोषण और अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं भी यहां प्रदान की जाएंगी।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में न केवल उपचार, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता और रोग-निवारण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को योग सत्र आयोजित किए जाएंगे जिससे लोग मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकें। ये केंद्र प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक खुलेंगे।
प्रत्येक केंद्र पर एक डॉक्टर, एक नर्स, एक मल्टी-पर्पस हेल्थ वर्कर और एक सफाई कर्मचारी तैनात किया गया है। यह टीम स्थानीय निवासियों को प्राथमिक चिकित्सा से लेकर नियमित स्वास्थ्य जांच और परामर्श की सुविधा देगी।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में यह भी उल्लेख किया कि पहले की आप सरकार द्वारा शुरू किए गए मोहल्ला क्लीनिक कई स्तरों पर विफल साबित हुए। बहुत से क्लीनिक बंद हो गए, कुछ कभी शुरू ही नहीं हो पाए, और जहां खुले भी, वहां पर्याप्त सुविधाओं की कमी थी। टीकाकरण की सुविधा का अभाव, प्रयोगशालाओं के अभाव और मेडिकल स्टाफ की अनुपलब्धता ने इन क्लीनिकों को अक्षम बना दिया। इसके विपरीत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सभी जरूरी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही हैं।
भाजपा ने अपने चुनावी वादों में कहा था कि वे दिल्लीवासियों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएंगे और आयुष्मान आरोग्य मंदिर उसी दिशा में एक ठोस शुरुआत है। इस पहल को दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे में एक क्रांतिकारी बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिससे न केवल लोगों की चिकित्सा संबंधी समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि उनके जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।



