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आर्थिक तंगी और बेटी के इलाज से परेशान पिता ने की आत्महत्या, प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप

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बेटी के इलाज में बिक गया जमीन-जायदाद, आर्थिक तंगी से परेशान पिता ने ट्रेन के सामने कूदकर दी जान

पिता को घर में राशन लाने के लिए खून तक बेचना पड़ा. बाद में बच्चों के स्कूल से फीस नहीं जमा होने पर नोटिस आने लगा तो प्रमोद गुप्ता टूट गए और आत्महत्या कर ली.

मध्यप्रदेश के सतना में आर्थिक तंगी और बेटी के इलाज से परेशान पिता ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली. बताया जाता है कि पांच साल पहले बेटी सड़क हादसे के बाद चलने-फिरने में असमर्थ हो गई, पिता ने सब कुछ बेचकर बेटी का इलाज कराया, लेकिन वो ठीक नहीं हो पाई. बिटिया मेधावी थी, बिस्तर से ही लेटकर हाईस्कूल में मेरिट में जगह बनाई. जिला प्रशासन ने उसे सम्मानित भी किया, लेकिन इसके बाद कोई मदद नहीं मिली.

अनुष्का और भाई उदय सड़क हादसे का हुए शिकार

सतना शहर में ट्रांसपोर्ट नगर निवासी प्रमोद गुप्ता की बिटिया अनुष्का और भाई उदय सड़क हादसे का शिकार हुए, दोनों की जान बच गई, लेकिन अनुष्का की रीढ़ की हड्डी टूटने से वो दिव्यांग हो गई. पिता ने दोनों के इलाज के लिए पूरी जमापूंजी खर्च कर दी. कर्ज चुकाने के लिए जमीन जायदाद तक बेच दी, अनुष्का ने भी हार नहीं मानी और हाई स्कूल में टॉप किया. सतना जिला प्रशासन ने 2 मई 2022 को अनुष्का को सम्मानित किया और हर सम्भव मदद का भरोसा दिया, लेकिन फिर किसी ने सुध नहीं ली.

पीड़ित परिवार का आरोप है कि पिता अष्युमान कार्ड और दूसरी सुविधाओं के लिए अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर काटता रहा, भुखमरी की कगार पर पहुंच गया. यहां तक कि घर में राशन लाने के लिए पिता को खून तक बेचना पड़ा. बच्चों के स्कूल से फीस नहीं जमा होने पर नोटिस आने लगा तो प्रमोद गुप्ता टूट गए और आत्महत्या कर ली.

सतना में तैनात डीएसपी ख्याति मिश्रा ने बताया कि घर से सुबह 4 बजे दुकान पर जाने के लिए निकले थे, जब सुबह 8-9 बजे फोन नहीं लगा तो घर वालों ने इन्हें ढूंढना शुरू किया, तब इन्हें आत्महत्या की जानकारी मिली. पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

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