मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतेह अल सीसी बृहस्पतिवार को दुनिया के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए जिन्होंने भारत का गणतंत्र दिवस समारोह देखा है। मिस्र के राष्ट्रपति अल सीसी इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि हैं। उन्होंने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अनेक नेताओं के साथ कर्तव्यपथ पर रंगारंग गणतंत्र दिवस परेड देखी। यह पहला अवसर है जब मिस्र के किसी राष्ट्रपति को भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनाया गया है। अल सीसी मंगलवार को भारत यात्रा पर आए और बुधवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यापक चर्चा की। भारत के गणतंत्र दिवस समारोह पर हर वर्ष विश्व के किसी देश के नेता को आमंत्रित किया जाता है। कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2021 और 2022 में गणतंत्र दिवस समारोह पर कोई मुख्य अतिथि नहीं थे।
वर्ष 2020 में ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि थे जबकि 2019 में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सी रामफोसा और 2018 में आसियान देशों के समूह के 10 देशों के नेताओं को आमंत्रित किया गया था। वर्ष 2017 में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में अबू धाबी के शहजादे शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाह्यान को मुख्य अतिथि बनाया गया था और वर्ष 2016 में फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वां ओलोंद को आमंत्रित किया गया था। इससे पहले वर्ष 2015 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और 2014 में जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे मुख्य अतिथि थे। वर्ष 2013 में भूटान के नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक को गणतंत्र दिवस पर आमंत्रित किया गया था। भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने वाले विश्व नेताओं में निकोलस सार्कोजी, व्लादिमीर पुतिन, नेल्सन मंडेला, जॉन मेजर, मोहम्मद खातमी, जैक शिराक शामिल हैं।



