भारत और मिस्र ने रक्षा उद्योगों के क्षेत्र में सहयोग को और मज़बूत करने, आतंकवाद से निपटने संबंधी सूचना एवं खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान बढ़ाने सहित अपनी द्विपक्षीय भागीदारी को सामरिक गठजोड़ के स्तर पर ले जाने का निर्णय किया है। मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल-सीसी के साथ बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आतंकवाद मानवता के लिए सबसे गंभीर खतरा है। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि सीमापार आतंकवाद को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है।’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘हमने आज अपने रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को और मज़बूत करने, आतंकवाद से निपटने संबंधी सूचना एवं खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान बढ़ाने का भी निर्णय लिया है।’
मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल-सीसी तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर मंगलवार को यहां पहुंचे हैं। बुधवार को हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति अल सीसी ने कई विषयों पर चर्चा की। मिस्र के राष्ट्रपति अल-सीसी ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ वार्ता के बाद कहा, ‘हमने क्षेत्रीय, वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की; द्विपक्षीय रक्षा सहयोग पर भी विचार-विमर्श किया।’ दोनों नेताओं के बीच बैठक के बाद छह समझौतों/समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए और दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पर एक स्मृति डाकटिकट का आदान प्रदान किया गया। सीसी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि हैं। उनके साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है। यह पहला मौका है जब मिस्र के राष्ट्रपति को गणतंत्र दिवस समारोहों में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है। मिस्र की सेना की एक टुकड़ी भी गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेगी।



