Delhi Jal Board: गांधी नगर में मकान झुकने में दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी दोषी,श्याम सुन्दर अग्रवाल
नई दिल्ली ( स्पर्श भारद्वाज ) : पूर्व मेयर श्याम सुन्दर अग्रवाल ने कहा चांद मोहल्ला गांधी नगर में जो कल बिल्डिंग झुकी है इसके दोषी सिर्फ दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी है दिल्ली जल बोर्ड की लापरवाही के कारण जनता के टैक्स के करोड़ो रुपए बर्बाद हो रहे है। ताजा मामला चांद मोहल्ला गांधी नगर का है जहां एक सड़क पिछले एक साल में कई बार जल बोर्ड द्वारा खोदी गई दिल्ली नगर निगम ने तीन महीने जल बोर्ड का इंतजार करने के बाद सड़क को बना भी दिया।सड़क बनने के दस दिन बाद ही सड़क को जल बोर्ड ने खोद दिया। सड़क को 12 से 15 फुट का गड्ढा किया गया जिसमें बारिश का पानी भी कई बार भरा जिसके कारण मकान की नींव का नुकसान हुआ बिल्डिंग झुक गई एवं साथ वाले मकान और इस मकान के बीच में दरार आ गई। श्याम सुन्दर अग्रवाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को व्हाट्सएप के माध्यम से पत्र भेजकर कहा है कि आपने दिल्ली के विकास के लिए खजाने के द्वार खोल दिए है लेकिन भ्रष्ट अधिकारी उसका गलत लाभ उठा रहे है जहां ये बिल्डिंग झुकी है उसके आगे की सड़क को तीन महीने इसलिए नहीं बनाया कि सीवर का कार्य होना है जब तीन महीने में सीवर का काम नहीं हुआ तो निगम ने दो महीने पहले सड़क को बना दिया जब सड़क बन गई तो 10 दिन बाद ही आठ लाख की लागत से बनी इस नई सड़क को जल बोर्ड ने खोद डाला।जनता की खून पसीने की कमाई जो सरकार को टैक्स के रूप में जाती है दिल्ली जल बोर्ड की लापरवाही के कारण बर्बाद हो गई। श्याम सुन्दर अग्रवाल ने कहा क्योंकि इस मकान के झुकने में दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों की लापरवाही है क्योंकि एक साल कई बार सड़क खोदने के बाद भी वो सीवर की समस्या का समाधान नहीं कर पाए जिसके कारण मकान में दरार आ गई मकान झुक गया ऐसे अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त करना चाहिए।नई सड़क जो उन्होंने तोड़ी है उसकी लागत के आठ लाख रुपए उनकी तनख़ाह से वसूलने चाहिए। मकान मालिक को 30 लाख रुपए देकर उसके नुकसान की भरपाई दिल्ली जल बोर्ड को करनी चाहिए।



