सड़क से संसद तक राहुल के तेवर देख जनता भी देख रही है राहुल की ओर कुछ दिनों के भीतर ही बढने लगे उनके चाहने वाले -अश्वनी भारद्वाज
नई दिल्ली ,हैडलाइन पढ़ आप समझ ही गए होंगे आज राहुल गांधी पर लिखने का मन है ,हो भी क्यों ना भाई एक अकेला सब पर भारी नारा देकर ही जनता का हीरो नहीं बना जा सकता ,सुनने में तो जुमला अच्छा लगता है लेकिन जनता का हीरो बनने के लिए त्याग,बलिदान और संघर्ष और वो भी जनता के बीच रहकर करना पड़ता है ,खून पसीना बहाना पड़ता है ,जेल भी जाना पड़े तो जाना पड़ता है तभी कोई भगत सिंह या चन्द्रशेखर आज़ाद जन्म लेता है | वैसे तो राहुल गाँधी कई सालों से जमीन पर उतर संघर्ष कर रहे है और उसी का परिणाम है पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया यह बात अलग है सत्ता से काफी दूर रहे लेकिन यह भी सच है सत्ता की नाक में नकेल डालने का काम उन्होंने बखूबी किया है | संसद हो या सड़क हर जगह उन्होंने ना केवल सत्ता को ललकारा है दूसरे शब्दों में सत्ताधीशों की रातों की नींद हराम करने का काम किया है | राहुल गांधी को अपने संघर्ष के परिणाम का भी आभास है वे कार्यकर्ताओं से भी आह्वान करते हैं डरो नहीं ,अधिकारों के लिए लड़ो ,अन्याय के खिलाफ लड़ो ,ऐसा वही नेता कह सकता है जो खुद उस रास्ते पर चलना जानता हो | यह केवल सत्ता प्राप्त करने का संघर्ष नहीं है बल्कि जनता के हितो के लिए लड़ाई का मजबूत संकल्प है | पिछले कुछ महीनों में उन्होंने प्रियंका के साथ सडकों पर उतर आन्दोलन की एक नई संस्क्रती को जन्म दिया है और दिखा दिया है वे विपक्ष के नेता केवल प्रोटोकोल निभाने के लिए ही नहीं बने है बल्कि उन्हें अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों का भी अच्छे से आभास है .आंदोलनकारी युवाओं के समर्थन में सड़क पर धरना दे वे युवाओं के हीरो बनकर उभरे जिसका नतीजा यह है कि उनकी एक आवाज पर छात्रों की गूंज प्रोग्रामों में विशाल हुजूम उमड़ने लगा है ,राहुल उनसे भावनात्मक रूप से जुड़ संवाद करते है युवा वर्ग उनकी तेवर देख लगातार उनसे प्रभावित हो रहा है और युवा समझने लगा है राहुल को जितनी नोलिज है शायद किसी और नेता को नहीं है | राहुल नें युवा शक्ति की नब्ज पकड़ ली है और निश्चित रूप से आज की तारीख में वे युवाओं की पसंद बनते जा रहे है | और यह आप सभी नें सुना होगा जिधर जवानी चलती है उधर ही देश चलता है | आज जहां केंद्र सरकार का ग्राफ खिसक रहा है वहीं राहुल का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है इस सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता जो लोग कभी राहुल का नाम भी सुनना नहीं चाहते थे उनमे से काफी आज राहुल के संघर्ष के मुरीद बनते देखे जा सकते है आने वाले समय में यह आंकड़ा और भी बढ़ेगा इस सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता | यदि सोशल मीडिया की ही बात करें तो पिछले एक माह के भीतर ही इन्स्टाग्राम पर उनके फालोअर्स में करीब साढे चार फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है जो संख्या 15.2 मिलियन तक पहुंच चुकी है और इसी तरह एक्स यानी ट्विटर पर भी यह आंकड़ा बड़ी तेजी के साथ बढ़ रहा है जहां यह आंकड़ा 28.6 मिलियन के करीब पहुंच चुका है | यानी मानना पड़ेगा लोगो के लिए किया गया संघर्ष व्यर्थ नहीं जाता | आज बस इतना ही …



