Cleanliness Campaign विशेष सफाई अभियान का नहीं दिख रहा असर कई इलाकों में हालात बदतर : नीलम चौधरी
नई दिल्ली, (रविंद्र कुमार): दिल्ली में चलाए जा रहे विशेष सफाई अभियान को लेकर आरडब्ल्यूए समस्त रोहताश नगर की संस्थापक अध्यक्ष नीलम चौधरी ने सरकार और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि विशेष सफाई अभियान को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा है। कई गलियों, सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में आज भी कूड़े के ढेर और गंदगी लोगों की परेशानी का कारण बने हुए हैं। नीलम चौधरी ने कहा कि अभियान के नाम पर कुछ स्थानों पर एक-दो दिन सफाई कर देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। सफाई के बाद कूड़ा दोबारा जमा हो जाना यह बताता है कि नियमित सफाई और मॉनिटरिंग की व्यवस्था कमजोर है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में दिल्ली को स्वच्छ बनाना चाहती है तो प्रत्येक वार्ड में सफाई व्यवस्था की नियमित समीक्षा और अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी होगी। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान नालियों और नालों के जाम होने से जलभराव की समस्या भी सामने आती है।
कई जगह गंदा पानी सड़कों पर फैलने से स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती है। समय पर नालियों की सफाई और गाद निकालने का काम हो तो इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नीलम चौधरी ने कहा कि दिल्ली की जनता अब केवल अभियान की तस्वीरें और आंकड़े नहीं, बल्कि अपने आसपास साफ-सफाई देखना चाहती है। घर-घर कूड़ा उठाने, कूड़े के तत्काल निस्तारण, नालियों की सफाई और सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि विशेष अभियान की सफलता का आकलन कागजों पर नहीं बल्कि हर वार्ड की जमीनी स्थिति देखकर किया जाए।उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो विशेष अभियान भी केवल एक औपचारिक अभियान बनकर रह जाएगा और जनता को इसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा।



