Dharmendra Pradhan: ऑनलाइन ट्रोलिंग के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बेटी नैमिषा प्रधान ने डीएक्टिवेट किया Instagram अकाउंट
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बेटी नैमिषा प्रधान द्वारा अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डीएक्टिवेट किए जाने की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और NEET सहित विभिन्न परीक्षा विवादों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलनों के बीच उन्हें सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोलिंग और आलोचना का सामना करना पड़ रहा था। इसी के बाद उन्होंने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट निष्क्रिय कर दिया।
बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया यूजर्स ने नैमिषा प्रधान के इंस्टाग्राम प्रोफाइल को खोजकर उनकी पुरानी पोस्ट्स के कमेंट सेक्शन में बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दी थीं। कई पोस्ट्स पर तीखी टिप्पणियां की गईं, जिसके बाद उनका इंस्टाग्राम अकाउंट अब सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। हालांकि, नैमिषा प्रधान या उनके परिवार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नैमिषा प्रधान ने वर्ष 2023 में अमेरिका के मैसाचुसेट्स स्थित टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित फ्लेचर स्कूल से एलएलएम (LLM) की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) में सीनियर एसोसिएट के रूप में कार्यभार संभाला।
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने सवाल उठाए कि जब धर्मेंद्र प्रधान देश के शिक्षा मंत्री हैं, तो उनकी बेटी ने उच्च शिक्षा के लिए विदेश का चयन क्यों किया। इन टिप्पणियों के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चर्चा का विषय बन गया।
वहीं, बड़ी संख्या में लोगों ने नैमिषा प्रधान को ट्रोल किए जाने का विरोध भी किया। उनका कहना है कि किसी भी राजनीतिक विवाद या सरकारी नीति को लेकर असहमति लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हो सकती है, लेकिन सार्वजनिक पद पर न रहने वाले परिवार के सदस्यों को निशाना बनाना उचित नहीं है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपील की कि राजनीतिक आलोचना केवल निर्वाचित प्रतिनिधियों और नीति-निर्माताओं तक सीमित रहनी चाहिए।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन जारी हैं। विपक्ष लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है और सरकार पर परीक्षा प्रणाली में सुधार लाने का दबाव बना रहा है।
दूसरी ओर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दों का राजनीतिकरण कर रहा है और संसद की कार्यवाही बाधित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने सरकार की ओर से परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों का भी बचाव किया है।
इस बीच सोशल मीडिया पर यह बहस भी तेज हो गई है कि राजनीतिक मतभेदों के दौरान सार्वजनिक जीवन से जुड़े नेताओं के परिवारों को किस सीमा तक चर्चा या आलोचना का विषय बनाया जाना चाहिए। कई विशेषज्ञों और सोशल मीडिया यूजर्स का मानना है कि लोकतांत्रिक विमर्श में व्यक्तिगत हमलों और ऑनलाइन ट्रोलिंग से बचना आवश्यक है, ताकि बहस मुद्दों और नीतियों तक सीमित रहे।



