Mamata Banerjee Statement: ‘बीजेपी चाहती है मुझे हार्ट अटैक आए, लेकिन उनके अंत तक जिंदा रहूंगी’, बगावत के बीच ममता का बड़ा हमला
कोलकाता, 15 जुलाई। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी राजनीतिक उठापटक और नेताओं के लगातार पार्टी छोड़ने के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करना चाहती है और कहा कि विपक्ष चाहता है कि उन्हें हार्ट अटैक आ जाए, लेकिन वह तब तक राजनीति में सक्रिय रहेंगी जब तक भाजपा का अंत नहीं हो जाता।
ममता बनर्जी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब टीएमसी के वरिष्ठ नेता और कमारहाटी से विधायक मदन मित्रा ने पार्टी के भीतर अपने सभी पदों से इस्तीफा देकर दूसरे गुट का साथ देने का फैसला किया। इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
ममता बनर्जी ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग तृणमूल कांग्रेस में नहीं रहना चाहते, वे पार्टी छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने टीएमसी पर भरोसा जताया है और कुछ नेताओं के जाने से पार्टी कमजोर नहीं होगी। उन्होंने दल बदलने वाले नेताओं को “गद्दार” बताते हुए जनता से माफी भी मांगी।
अपने संबोधन के दौरान ममता बनर्जी ने कहा, “बीजेपी चाहती थी कि मुझे हार्ट अटैक आए, लेकिन मैं उन्हें बता देना चाहती हूं कि मैं तब तक जिंदा रहूंगी, जब तक उनका अंत नहीं हो जाता।” उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव और साजिशों के बावजूद वह पीछे हटने वाली नहीं हैं और जनता के लिए संघर्ष जारी रखेंगी।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान अपने भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी का भी खुलकर बचाव किया। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी और उनके परिवार को बार-बार जांच एजेंसियों के समक्ष पेश होने के लिए बुलाया गया, लेकिन उन्होंने किसी तरह का समझौता करने के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से राजनीतिक लड़ाई लड़ना चुना।
हाल के दिनों में पार्टी छोड़ने वाले कई नेताओं ने अभिषेक बनर्जी पर संगठन में तानाशाही शैली अपनाने और डर का माहौल बनाने जैसे आरोप लगाए थे। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उनके भतीजे को पार्टी पर हमला करने का बहाना बनाया जा रहा है और राजनीतिक कारणों से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
ममता बनर्जी ने भाजपा पर केंद्रीय जांच एजेंसियों और पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को डराकर दल बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई जनप्रतिनिधियों ने राजनीतिक दबाव और जांच एजेंसियों के भय के कारण पार्टी छोड़ी है।
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के पास अभी भी लोकसभा और राज्यसभा में मजबूत प्रतिनिधित्व है और पार्टी जनता के विश्वास के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सांसद राजनीतिक दबाव के चलते दूसरी पार्टी में शामिल हुए हैं।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में टीएमसी के भीतर बढ़ती अंदरूनी खींचतान और नेताओं के इस्तीफों के बीच ममता बनर्जी का यह बयान राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आगामी चुनावों से पहले पार्टी के भीतर एकजुटता बनाए रखने और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्होंने यह आक्रामक रुख अपनाया है।



