दिल्ली सरकार ने दिए जलभराव को रोकने, कावड़ शिविरों की सुचारू व्यवस्था करने के निर्देश : संदीप कपूर
नई दिल्ली ( शिवा कौशिक ) : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की जिसमें आगामी मानसून के दौरान जलभराव से निपटने और सुरक्षित कांवड़ यात्रा की तैयारियों की बात की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वे जलभराव वाले हॉटस्पॉट्स का व्यक्तिगत निरीक्षण करें और कांवड़ियों के लिए सभी मूलभूत सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। बैठक में सभी जिलाधिकारियों ने अपने अपने जिलों के दो दो जर्जर सरकारी विद्यालयों के कायाकल्प के लिए किए गए कार्यों की जानकारी दी। साथ ही, राजधानी में मानसून को देखते हुए विभिन्न विभागों की तैयारियों का भी विस्तृत जायजा लिया। इसी विषय पर बात करते हुए डेम्स कमेटी के अध्यक्ष संदीप कपूर ने कहा कि दिल्ली की जनता को दिल्ली सरकार की योजना का पूरा लाभ मिल सके इसके लिए दिल्ली सरकार समय समय पर ना सिर्फ बैठक कर रही है बल्कि अधिकारियों के द्वारा किए गए कार्यों का जायजा भी लिया जा रहा है और जरूरी निर्देश भी दिए जा रहे है। उन्होंने बताया कि बैठक में कांवड़ यात्रा की पुख्ता तैयारियों को लेकर निर्देश दिए गए है जिसके तहत आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिए है कि वे अपने जिलों में कांवड़ शिविरों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर समय रहते सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। श्री कपूर ने बताया कि बैठक में यह निर्देश दिए गए है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा, बिजली और सुगम यातायात के पुख्ता इंतजाम पहले से ही कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इस बात का पूरा ध्यान रख रही है कि कावड़ियों और श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की कोई परेशानी का सामना ना करना पड़े और उन्हें सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाए। श्री कपूर ने बताया कि दिल्ली में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को यह निर्देश दिए है कि जलभराव से संबंधित हर समस्या का एक निश्चित समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए और जहां भी जरूरत हो, वहां पर विभिन्न एजेंसियां आपसी समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त निरीक्षण करें और बिना किसी देरी के तत्काल जमीनी कार्रवाई शुरू करें ताकि जनता को राहत मिल सके। श्री कपूर ने बताया कि अधिकारियों को यह सख्त निर्देश दिए गए है कि स्कूलों में केवल औपचारिक मरम्मत करके काम ना टाला जाए बल्कि विद्यार्थियों के लिए पेयजल, सुरक्षा, फर्नीचर, प्रयोगशालाएं और पुस्तकालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए ताकि बच्चों को ऐसा माहौल मिले जिससे स्कूल में प्रवेश करते ही उनकी सीखने की उत्सुकता बढे।



