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WhatsApp Username Feature: व्हाट्सएप के नए यूजरनेम फीचर पर सरकार सख्त, मेटा को नोटिस भेज तीन दिन में मांगा जवाब

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WhatsApp Username Feature: व्हाट्सएप के नए यूजरनेम फीचर पर सरकार सख्त, मेटा को नोटिस भेज तीन दिन में मांगा जवाब

नई दिल्ली, 1 जुलाई : व्हाट्सएप के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने इस फीचर से जुड़े संभावित सुरक्षा और साइबर अपराध के जोखिमों को देखते हुए मेटा को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर विस्तृत जवाब मांगा है। साथ ही निर्देश दिया है कि सरकार की समीक्षा और परामर्श प्रक्रिया पूरी होने तक भारत में इस फीचर को रोलआउट नहीं किया जाए।

सरकार का मानना है कि यूजरनेम फीचर का दुरुपयोग कर साइबर अपराधी सरकारी एजेंसियों, बैंकों, वित्तीय संस्थानों और जानी-मानी हस्तियों से मिलते-जुलते यूजरनेम बनाकर लोगों को आसानी से धोखा दे सकते हैं। इससे ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और पहचान की जालसाजी जैसे साइबर अपराधों में बढ़ोतरी होने की आशंका है।

केंद्र सरकार द्वारा मेटा को भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि यूजरनेम फीचर गलत मंशा रखने वाले लोगों के लिए आम नागरिकों तक पहुंच बनाना और उन्हें फर्जी पहचान के जरिए संदेश भेजना आसान कर सकता है। सरकार ने यह भी चिंता जताई है कि इस फीचर के माध्यम से सरकारी विभागों, सार्वजनिक प्राधिकरणों, वित्तीय संस्थानों और वास्तविक व्यक्तियों की पहचान का प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) किया जा सकता है, जिससे लोगों के साथ बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की घटनाएं हो सकती हैं।

नोटिस में मेटा से पूछा गया है कि ऐसे फीचर को लागू करने पर उसके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000, सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत नियामकीय कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। कंपनी को इस फीचर से जुड़े सभी तकनीकी और नीतिगत दस्तावेजों के साथ तीन दिनों के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस फीचर को लेकर सभी सुरक्षा पहलुओं, कानूनी प्रावधानों और संभावित जोखिमों की समीक्षा पूरी नहीं हो जाती, तब तक भारत में व्हाट्सएप का यूजरनेम फीचर लॉन्च नहीं किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े किसी भी मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी और फीचर के प्रभाव का गहन मूल्यांकन किया जा रहा है।

दूसरी ओर, व्हाट्सएप का कहना है कि यूजरनेम फीचर का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं की निजता को और मजबूत बनाना है। कंपनी के अनुसार, इस फीचर के लागू होने के बाद किसी नए व्यक्ति, ग्रुप या बिजनेस से जुड़ने के लिए मोबाइल नंबर साझा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी सुरक्षित रहेगी और वे अपनी पहचान को अधिक नियंत्रित तरीके से साझा कर सकेंगे।

भारत व्हाट्सएप का सबसे बड़ा बाजार है, जहां करीब 50 करोड़ लोग इस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सरकार इस फीचर के सुरक्षा, गोपनीयता और कानूनी प्रभावों का गंभीरता से परीक्षण कर रही है। अब सबकी नजर मेटा के जवाब और सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है।

 

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