Home क्राइम Ankit Sharma Murder Case: IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन...

Ankit Sharma Murder Case: IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन समेत 5 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने घटना को बताया बेहद क्रूर

0
4
Ankit Sharma Murder Case, Tahir Hussain Life Imprisonment, Delhi Riots 2020 

Ankit Sharma Murder Case: IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन समेत 5 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने घटना को बताया बेहद क्रूर

नई दिल्ली। 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने सजा सुनाने से पहले घटना की गंभीरता और हत्या के तरीके पर कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि अंकित शर्मा की हत्या बेहद क्रूर और निर्मम तरीके से की गई थी तथा घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया था।

अदालत ने कहा कि जिस तरीके से अपराध को अंजाम दिया गया, उसने समाज को गंभीरता से सोचने पर मजबूर किया। कोर्ट के मुताबिक, हमला इतना भीषण और निर्मम था कि अंकित शर्मा की मौत के बाद भी उनके शव को घसीटकर चांद बाग ले जाया गया और नाले में फेंक दिया गया। अदालत ने इस पूरी घटना को अत्यंत गंभीर और भयावह बताया।

कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन, नजीम, कासिम, अनस और जावेद को इस मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अब सभी पांचों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इससे पहले 13 जुलाई 2026 को अदालत ने इन पांचों आरोपियों को अंकित शर्मा हत्याकांड में दोषी करार दिया था।

अंकित शर्मा की हत्या का मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में हत्या की भयावहता को देखते हुए दोषियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की थी। पुलिस और पीड़ित परिवार की ओर से अदालत से मौत की सजा देने की मांग की गई थी।

दिल्ली पुलिस ने अदालत के समक्ष मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी का बताते हुए मौत की सजा की मांग की थी। पुलिस के अनुसार, अंकित शर्मा पर बेहद बर्बर तरीके से हमला किया गया था। जांच के दौरान उनके शरीर पर 51 चोटों के निशान पाए गए थे, जिनमें सात घाव घातक बताए गए। पुलिस के अनुसार, इनमें से 16 घाव धारदार हथियारों से किए गए थे।

पुलिस ने अदालत को यह भी बताया था कि अंकित शर्मा की मौत के बाद भी उनके शव के साथ बर्बरता की गई। शव को कथित तौर पर घसीटकर चांद बाग ले जाया गया और बाद में नाले में फेंक दिया गया। इसी वजह से अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता और क्रूरता को देखते हुए अधिकतम सजा की मांग की थी।

अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषियों को सजा सुनाए जाने से पहले कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई थी। संवेदनशील मामले को देखते हुए कोर्ट रूम और उसके आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई थी, ताकि सजा सुनाए जाने के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न पैदा हो।

मामले में ताहिर हुसैन की ओर से मौत की सजा की मांग का विरोध किया गया था। उनके वकील ने अदालत के समक्ष दलील दी थी कि ताहिर हुसैन ने स्वयं पुलिस को कॉल किया था। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया था कि केवल शरीर पर मौजूद चोटों की संख्या या उनकी गंभीरता के आधार पर किसी दोषी को मौत की सजा नहीं दी जा सकती।

बचाव पक्ष की ओर से अदालत से सजा के निर्धारण में सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखने की अपील की गई थी। वहीं अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता, हमले की क्रूरता और हत्या के बाद शव के साथ किए गए कथित व्यवहार को आधार बनाते हुए अधिकतम सजा की मांग की थी।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और मामले की गंभीरता पर विचार करने के बाद पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट की टिप्पणी से स्पष्ट हुआ कि हत्या के तरीके और घटना की भयावहता को अदालत ने गंभीरता से लिया, हालांकि मौत की सजा के बजाय उम्रकैद का फैसला सुनाया गया।

अंकित शर्मा हत्याकांड 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में से एक रहा है। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटनाक्रम, मेडिकल साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की भूमिका स्थापित करने की कोशिश की। अदालत ने 13 जुलाई को ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहराया था, जिसके बाद शुक्रवार को सजा पर फैसला सुनाया गया।

अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अदालत का यह फैसला ऐसे समय आया है जब 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में न्यायिक प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है। शुक्रवार को सुनाई गई उम्रकैद की सजा के बाद अब इस मामले में दोषियों को दी गई सजा को लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और संबंधित पक्षों के पास कानून के तहत उपलब्ध विकल्प खुले रहेंगे।

इस फैसले के साथ अंकित शर्मा के परिवार को लंबे समय से चल रही न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण निर्णय मिला है। वहीं, दिल्ली पुलिस की ओर से मांगी गई मौत की सजा अदालत ने नहीं दी और ताहिर हुसैन समेत पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने घटना की क्रूरता और समाज पर उसके प्रभाव को रेखांकित करते हुए इसे बेहद गंभीर अपराध माना।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here